एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों के लिए प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन फंड

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय एयरलाइंस को उनके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) कीमतों में स्थिरता प्रदान करने हेतु तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए ₹10,000 करोड़ तक के एकमुश्त बजटीय समर्थन को मंजूरी दी है।

  • स्वरूप: यह समर्थन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अनुदान मांगों के माध्यम से OMCs को ‘ब्याज-मुक्त अग्रिम’ (interest-free advances) के रूप में दिया जाएगा।
  • उद्देश्य: पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न ईंधन की कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता की वर्तमान अवधि के दौरान एयरलाइंस के लिए स्थिर एटीएफ मूल्य निर्धारण की सुविधा प्रदान करना।

एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) क्या है?

एटीएफ पेट्रोलियम-आधारित ईंधन है जिसे विशेष रूप से गैस-टर्बाइन इंजन वाले विमानों (जैसे जेट इंजन, टर्बोप्रॉप और हेलीकॉप्टर) के लिए डिज़ाइन किया गया है।

  • संरचना: यह केरोसिन (मिट्टी के तेल) पर आधारित हाइड्रोकार्बन मिश्रण है। पेट्रोल या डीजल के विपरीत, इसका कोई एक आणविक सूत्र (molecular formula) नहीं होता। जेट ईंधन (जैसे Jet A-1) आमतौर पर हाइड्रोकार्बन का मिश्रण है, जिसे उच्च ऊर्जा घनत्व, कम हिमांक (freezing point) और ऊंचाई पर साफ दहन के लिए तैयार किया गया है।
  • केरोसिन-आधारित ईंधन ही क्यों?
    • गैसोलीन की तुलना में कम अस्थिरता।
    • ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान आग का कम जोखिम।
    • दुर्घटनाओं के समय बेहतर सुरक्षा।
    • उच्च ऊर्जा घनत्व और अधिक ऊंचाई पर स्थिर दहन।

Jet A और Jet A-1 में अंतर

दुनिया भर में उपयोग होने वाले इन दो प्रमुख ईंधनों में सबसे महत्वपूर्ण अंतर उनके ‘हिमांक’ (जमने का तापमान) का है:

  • Jet A: इसका अधिकतम हिमांक –40°C होता है (मुख्यतः संयुक्त राज्य अमेरिका में उपयोग)।
  • Jet A-1: इसका अधिकतम हिमांक –47°C होता है (दुनिया के अधिकांश हिस्सों में उपयोग)।
  • महत्व: कम हिमांक (Jet A-1) विमानों को अत्यधिक ऊंचाई वाली ठंड में भी सुरक्षित रूप से उड़ान भरने में मदद करता है।
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