WTO में भारत की आठवीं व्यापार नीति समीक्षा

विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत की आठवीं व्यापार नीति समीक्षा (Trade Policy Review–TPR) 21 और 23 जुलाई को आयोजित की जा रही है।

  • भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल कर रहे हैं।
  • भारत के लिए यह समीक्षा हर पाँच वर्ष में एक बार आयोजित की जाती है।
  • इसका उद्देश्य भारत की व्यापार नीतियों एवं व्यापारिक कार्य-पद्धतियों का मूल्यांकन करना है।
  • नवीनतम समीक्षा में 1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि को शामिल किया गया है।

WTO की व्यापार नीति समीक्षा व्यवस्था

  • WTO के व्यापार नीति समीक्षा तंत्र (Trade Policy Review Mechanism: TPRM) दो प्रमुख दस्तावेजों पर आधारित होती है:
    • सदस्य देश द्वारा प्रस्तुत नीतिगत वक्तव्य
    • WTO सचिवालय द्वारा तैयार की गई स्वतंत्र रिपोर्ट
  • इस प्रक्रिया का उद्देश्य सदस्य देशों की व्यापार नीतियों में पारदर्शिता बढ़ाना, पूर्वानुमेयता (Predictability) को मजबूत करना तथा अन्य देशों को व्यापार नीतियों की बेहतर समझ प्रदान करना।
  • यह समीक्षा व्यापार नीति समीक्षा निकाय (Trade Policy Review Body–TPRB) द्वारा की जाने वाली सहकर्मी समीक्षा (Peer Review) प्रक्रिया के माध्यम से होती है।
  • TPRB में WTO के सभी सदस्य देश शामिल होते हैं।

भारत का व्यापार प्रदर्शन

  • सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का वस्तु एवं सेवा निर्यात (Merchandise and Services Exports) वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 863.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।
  • इसकी तुलना में 2021-22 में यह 676.5 अरब अमेरिकी डॉलर था।
  • यह लगभग 6.3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

समीक्षा में प्रमुख मुद्दे

सरकारी रिपोर्ट और WTO सचिवालय के आकलन में भारत के निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है:

  • भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements–FTAs) के बढ़ते नेटवर्क का विस्तार।
  • वस्तु एवं सेवा कर (GST) को अधिक तर्कसंगत एवं सरल बनाने के उद्देश्य से किए गए सुधार।
  • व्यापार को सुगम बनाने के लिए डिजिटल पहलों का विस्तार।
  • यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसी डिजिटल भुगतान प्रणालियों को अपनाना।
  • व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल उपकरणों (Digital Tools) का उपयोग।

महत्त्व

  • व्यापार नीति समीक्षा (TPR) WTO की प्रमुख पारदर्शिता व्यवस्थाओं में से एक है।
  • यह सदस्य देशों को एक व्यापक सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया के माध्यम से एक-दूसरे की व्यापार नीतियों एवं प्रथाओं का मूल्यांकन करने का अवसर प्रदान करती है।
  • इसका उद्देश्य व्यापार नीतियों में पारदर्शिता, पूर्वानुमेयता और आपसी समझ को बढ़ावा देना है।

CLICK HERE: UPSC (CSE) GS PRELIMS & MAINS CURRENT AFFAIRS BASED WEEKLY TEST (ENG & HINDI)

CLICK HERE FOR GS TIMES PRAHAR UPSC GS MAINS TEST SERIES 

दैनिक करेंट अफेयर्स क्विज़ (सभी परीक्षाओं के लिए) अभ्यास के लिए-यहां क्लिक करें

error: Content is protected !!