प्रोजेक्ट निम्बस क्या है ?

14 जून को स्टैनफोर्ड (Stanford) में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के भाषण में तब बाधा उत्पन्न हुई, जब 100 से अधिक विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए वॉकआउट कर दिया। कुछ विद्यार्थियों के हाथों में फिलिस्तीनी झंडे थे, दूसरों ने स्कार्फ के रूप में काले और सफेद पैटर्न वाले कुफिया (keffiyeh) ओढ़े हुए थे, और वे नारे लगा रहे थे, “फ्री, फ्री फिलिस्तीन!”

विद्यार्थियों गूगल के ‘प्रोजेक्ट निम्बस’ (Project Nimbus) का विरोध कर रहे थे, जो इस दिग्गज सर्च टेक कंपनी और इजरायली सरकार के बीच एक तकनीकी अनुबंध (tech contract) है, जिसे फिलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रोजेक्ट निम्बस कथित तौर पर $1.2 बिलियन (1.2 अरब डॉलर) का एक क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अनुबंध है, जो इजरायली सरकारी एजेंसियों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करने के लिए गूगल और अमेज़ॅन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है।

कार्यकर्ताओं और गूगल के कुछ कर्मचारियों सहित इस परियोजना के आलोचकों का तर्क है कि यह तकनीक गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायली सेना की मदद कर सकती है। हालांकि, सर्च इंजन कंपनी गूगल लगातार यह रुख अपनाए हुए है कि यह समझौता मानक सरकारी क्लाउड सेवाएं प्रदान करता है और उसने इस परियोजना में अपनी भागीदारी का बचाव किया है।

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