कर्नाटक से न्यूजीलैंड के लिए ‘बोटैनिकल-इन्फ्यूज्ड मिलेट’ का पहला समुद्री निर्यात
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने 3 जून, 2026 को कर्नाटक से न्यूजीलैंड के लिए ‘बोटैनिकल-इन्फ्यूज्ड रेडी-टू-कुक मिलेट फंक्शनल फूड्स’ (पौधों के अर्क से युक्त बाजरा आधारित तैयार भोजन) के पहले समुद्री शिपमेंट को हरी झंडी दिखाई।
इस निर्यात के मुख्य बिंदु:
- मूल्य-वर्धित कृषि उत्पाद: यह निर्यात भारत के मूल्य-वर्धित (value-added) कृषि उत्पादों की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
- किसानों को लाभ: इससे मिलेट्स उगाने वाले किसानों को बेहतर मांग और व्यापक बाजार तक पहुँच मिलेगी।
- कृषि-निर्यात प्रणाली: ऐसी पहल भारत के कृषि-निर्यात परिवेश को मजबूत करती है और मिलेट्स मूल्य श्रृंखला (millet value chain) में नए अवसर पैदा करती है।
मिलेट (बाजरा) का बढ़ता महत्व:
- पोषण और जलवायु: मिलेट्स अपने पोषण संबंधी लाभों, जलवायु के प्रति लचीलेपन (climate resilience) और वैश्विक बाजारों में बढ़ती उपभोक्ता मांग के कारण भारत की कृषि निर्यात टोकरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
- आर्थिक अवसर: मिलेट्स से बने मूल्य-वर्धित उत्पादों का विकास और निर्यात किसानों, खाद्य प्रसंस्करणकर्ताओं और निर्यातकों के लिए नए रास्ते खोल रहा है। इसके साथ ही, यह भारत के कृषि-खाद्य निर्यात में विविधता लाने और विस्तार करने में भी मदद कर रहा है।


