सागरमाला फाइनेंस भारत का पहला ‘ब्लू बॉन्ड’ जारी करने की योजना बना रहा है

सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन इस वित्तीय वर्ष में भारत के पहले ‘ब्लू बॉन्ड’ (blue bonds) जारी करने की योजना बना रहा है। यह सरकारी ऋणदाता ₹1,000 करोड़ तक जुटाने के लिए जल्द ही अपने पहले बॉन्ड इश्यू को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित ब्लू बॉन्ड का उद्देश्य ऐसे निवेशकों को आकर्षित करना है जो समुद्री परियोजनाओं में निवेश करना चाहते हैं।

भारत की पहली समुद्री-केंद्रित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC), सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (SMFCL) का लक्ष्य 2030-31 तक ₹60,205 करोड़ का संचयी संवितरण (cumulative disbursement) हासिल करना है। कंपनी के पास ₹25,000 करोड़ तक जुटाने का अधिदेश (mandate) है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्तावित फंड जुटाने की प्रक्रिया ऋणदाता के संपत्ति-देयता बेमेल (asset-liability mismatch) को दूर करने में मदद करेगी। जहां इसकी मौजूदा उधारी की औसत चुकौती अवधि लगभग 3.5 वर्ष है, वहीं इसके ऋण परिसंपत्तियों की अवधि लगभग 12 वर्ष है।

ब्लू बॉन्ड और ब्लू लोन क्या हैं? 

ब्लू बॉन्ड और ब्लू लोन ऐसे वित्तीय इंस्ट्रूमेंट्स हैं जो जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन, महासागरों में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की पुनर्बहाली, संधारणीय शिपिंग, पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन, या अपतटीय नवीकरणीय ऊर्जा (offshore renewable energy) जैसे निवेशों के लिए धन जुटाते हैं और उसे निर्धारित करते हैं।

  • पृष्ठभूमि: दुनिया का पहला संप्रभु (sovereign) ब्लू बॉन्ड अक्टूबर 2018 में सेशेल्स सरकार द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से जारी किया गया था। इस तरह के बॉन्ड राष्ट्रीय सरकारों, विकास बैंकों और निगमों द्वारा जारी किए जाते हैं।
  • उद्देश्य: ब्लू बॉन्ड को मुख्य रूप से सतत विकास लक्ष्य (SDG) 6 और 14, तथा SDG 2, 7, 12, 13 और 15 से संबंधित पहलों को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय योगदान: 2020 से, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) ने निजी संस्थानों को $2 बिलियन के ब्लू लोन और बॉन्ड प्रदान किए हैं। IFC ने पूर्वी एशिया प्रशांत क्षेत्र में पहले ब्लू बॉन्ड जारी करने की सुविधा प्रदान की है। उदाहरण के तौर पर, फिलीपींस में, जहां समुद्री प्लास्टिक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है, वहां इस तरह के वित्तपोषण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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