Gynacantha khasiaca: 110 साल बाद अरुणाचल में फिर दिखी दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई प्रजाति

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में एक दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई ‘ग्यनाकांथा खासियाका’ (Gynacantha khasiaca) को देखा गया है। इसे ‘लॉन्ग-टेल्ड डस्कहॉकर‘ (long-tailed duskhawker) के नाम से भी जाना जाता है।

लॉन्ग-टेल्ड डस्कहॉकर के बारे में

  • ऐतिहासिक खोज: इसे पहली बार 110 साल पहले 1914 में तत्कालीन ‘अबर हिल्स’ (Abor Hills) में दर्ज किया गया था। अब यह पहली जगह से लगभग 600 किमी पूर्व में ‘नामदफा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व’ में फिर से देखी गई है।
  • खोजकर्ता: चार ‘सिटिजन वैज्ञानिकों’ (नागरिक वैज्ञानिकों) की एक टीम ने इसे रिकॉर्ड किया है।
  • अद्भुत शारीरिक क्षमता:
    • दृष्टि: इसमें दो विशाल ‘कंपाउंड आँखें’ होती हैं, जिनमें हजारों छोटी-छोटी लेंस और फोटोरेसेप्टर (प्रकाश संवेदी) समूह होते हैं, जिससे यह लगभग 360° तक देख सकती है
    • उड़ने की कला: यह हवा में एक ही जगह स्थिर होकर उड़ने (stay still in the air) में सक्षम है।

ड्रैगनफ्लाई के बारे में 

  • वैज्ञानिक वर्ग: ड्रैगनफ्लाई ‘एनिसोप्टेरा’ (Anisoptera) उप-समूह का हिस्सा हैं।
  • प्रजातियाँ: दुनिया भर में इनकी लगभग 3,000 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। ये आमतौर पर फ्रेशवाटर के स्रोतों (जैसे तालाब, झील) के पास पाई जाती हैं और शिकारी कीट होती हैं।

ओडोनाटा (Odonata): ड्रैगनफ्लाई और डैम्सेल्फ्लाइज़ (Damselflies) दोनों ही ‘ओडोनाटा’ ऑर्डर के अंतर्गत आते हैं, इसलिए कई बार इन्हें एक ही मान लिया जाता है।

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