PROIs को पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत भारतीय सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश की अनुमति

केंद्रीय बजट में वित्त और कॉर्पोरेट कार्य  मंत्रालय द्वारा घोषणा की गई है कि अब भारत से बाहर का निवासी व्यक्ति (Persons Resident Outside India – PROI) भी पोर्टफोलियो निवेश योजना (Portfolio Investment Scheme – PIS) के माध्यम से सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी उत्पादों में निवेश कर सकेंगे। यह सुविधा पहले केवल NRI (अनिवासी भारतीय) और OCI (भारत के विदेशी नागरिक) तक सीमित थी।

निवेश सीमा में संशोधन

इस नीति के तहत निवेश सीमाओं को निम्नलिखित रूप से संशोधित किया गया है:

श्रेणीवर्तमान सीमानई प्रस्तावित सीमा
एकल PROI (किसी एक कंपनी में)5%10%
सभी PROI का कुल निवेश10%24%

कार्यान्वयन और कानूनी ढांचा

  • अधिसूचना: इस निर्णय को लागू करने के लिए, आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।
  • कानूनी आधार: यह संशोधन ‘विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम’ (FEMA) के अंतर्गत किया गया है।

PROI (भारत से बाहर का निवासी व्यक्ति) की परिभाषा

FEMA के अनुसार, PROI की स्थिति नागरिकता के बजाय आवास (Residency) पर आधारित है। इसमें कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है (चाहे वह भारतीय नागरिक हो या विदेशी नागरिक):

  1. जो पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान भारत में 182 दिनों से कम रहा हो।
  2. जो रोजगार, व्यवसाय या अन्य उद्देश्यों से देश से बाहर गया हो, जिससे यह संकेत मिले कि वह अनिश्चित काल के लिए विदेश में रहने का इरादा रखता है।
  3. इस परिभाषा में NRI, OCI और विदेशी नागरिक या संस्थाएं शामिल हैं।
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