ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन द टेकिंग ऑफ माइग्रेटरी स्पीशीज
ब्राजील के कैंपो ग्रांडे में आयोजित वन्यजीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर कन्वेंशन’ (CMS)-COP15 के एक विशेष कार्यक्रम के दौरान ‘प्रवासी प्रजातियों के शिकार (दोहन) पर वैश्विक पहल’ (Global Initiative on the Taking of Migratory Species – GTI) की शुरुआत की गई।
संकट की स्थिति: ‘स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स माइग्रेटरी स्पीशीज’ (2024) की रिपोर्ट में यह पहचान की गई थी कि अवैध और/या गैर-स्थायी शिकार (Taking) कन्वेंशन के तहत सूचीबद्ध 1,200 प्रजातियों में से 70 प्रतिशत के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा करता है।
GTI का उद्देश्य: इस पहल का लक्ष्य CMS के पक्षकार देशों को समन्वित सहायता प्रदान करना और वैश्विक संरक्षण प्रयासों में लंबे समय से चली आ रही कमियों को दूर करना है।
अपेक्षित प्रभाव: उम्मीद है कि यह देशों को इस बढ़ते खतरे से प्रवासी प्रजातियों की रक्षा करने के लिए आवश्यक उपकरण (tools), साझेदारी और ज्ञान से लैस करेगा।


