पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक 2026
वर्ष 2026 के पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (Environmental Performance Index: EPI ) में एस्टोनिया ने 74.79 के समग्र अंक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद लक्ज़मबर्ग, यूनाइटेड किंगडम और फिनलैंड क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहे, जबकि नीदरलैंड पांचवें स्थान पर रहा।
2026 का पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक 177 देशों का मूल्यांकन करता है। इसमें 47 विशिष्ट संकेतकों के आधार पर पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी 12 प्रमुख श्रेणियों का आकलन किया गया है। ये श्रेणियां मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी तंत्र की जीवंतता और पर्यावरणीय सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाती हैं।
पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक के बारे में
पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक आंकड़ा-आधारित वैश्विक मानक है। इसे येल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विधि एवं नीति केंद्र, कोलंबिया विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान सूचना नेटवर्क केंद्र तथा येल विश्वविद्यालय के भू-स्थानिक समाधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है। इसे मैककॉल मैकबेन फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है।
इस वर्ष पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक के शीर्ष पांच देशों में पांचों यूरोपीय देश हैं।
भारत का प्रदर्शन
भारत 177 देशों में 176वें स्थान पर रहा और इस प्रकार सूचकांक में दूसरे सबसे निचले स्थान पर है।
भारत का समग्र पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक अंक 22.46 रहा।
वर्ष 2022 में भारत 180 देशों में 180वें स्थान पर था। उस समय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सूचकांक की रैंकिंग को खारिज करते हुए कहा था कि सूचकांक में कई संकेतक “निराधार धारणाओं” पर आधारित हैं।
मंत्रालय ने यह भी कहा था कि प्रदर्शन के आकलन में इस्तेमाल किए गए कुछ संकेतक अनुमानों पर आधारित और अवैज्ञानिक तरीकों से निकाले गए हैं।



