जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल) भारत की 100वीं रामसर साइट बनी
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित ‘जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य’ (सुरहा ताल) को भारत की 100वीं रामसर साइट के रूप में नामित किया गया है। यह उत्तर प्रदेश की 13वीं रामसर साइट है। यह आर्द्रभूमि (wetland) पक्षियों की विविधता से समृद्ध है, जो कई प्रवासी और स्थानीय पक्षियों को आकर्षित करती है।
मुख्य विशेषताएं:
- रामसर साइट संख्या: 2595।
- भौगोलिक स्थिति: यह गंगा नदी बेसिन के मध्य भाग में स्थित ताजे जल की आर्द्रभूमि है।
- निर्माण: इसका निर्माण मूल रूप से गंगा नदी के ‘मिएंडर’ (नदी विसर्प) से हुआ था और इसे तीन चैनलों के माध्यम से ताजे पानी का प्रवाह मिलता है।
- भू-दृश्य: यहाँ का परिदृश्य बाढ़ के मैदानों, विस्तृत दलदलों, मौसमी रूप से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों और धान के खेतों से घिरा हुआ है।
जैव विविधता:
- पक्षियों की प्रजातियाँ: यहाँ पाई जाने वाली जलपक्षी प्रजातियों में वल्नरेबल (vulnerable) ‘कॉमन पोचार्ड’ (Aythya ferina) और ‘इंडियन रिवर टर्न’ (Sterna aurantia) शामिल हैं।
- अन्य प्रजातियाँ: यह साइट 221 पौधों की प्रजातियों, 66 मछली प्रजातियों, सात सरीसृप (reptile) प्रजातियों और तीन उभयचर (amphibian) प्रजातियों को आश्रय प्रदान करती है।
- प्रमुख मछलियाँ: वल्नरेबल प्रजातियों में ‘वालैगो अट्टू’ (Wallago attu) और ‘बगारियस बगारियस’ (Bagarius bagarius) शामिल हैं।
- अन्य जीव: मछलियों की प्रचुरता यहाँ वल्नरेबल ‘फिशिंग कैट’ (Prionailurus viverrinus) को भी आकर्षित करती है, जो इस साइट का उपयोग आहार के स्रोत के रूप में करती है।
अतिरिक्त जानकारी: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्थित ‘शेखा झील पक्षी अभयारण्य’ को अप्रैल 2026 में भारत की 99वीं रामसर साइट के रूप में नामित किया गया था।


