वर्ल्ड इनइक्विलिटी लैब की रिपोर्ट: भारत 2060 तक GDP (PPP) के मामले में चीन से आगे निकल जाएगा

वर्ल्ड इनइक्विलिटी लैब (जो पेरिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से जुड़ी एक शोध प्रयोगशाला है) के शोधकर्ताओं की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2060 तक भारत ‘परचेजिंग पावर पैरिटी’ (PPP) के आधार पर वैश्विक GDP में अपनी हिस्सेदारी के मामले में चीन से आगे निकल जाएगा। इसका कारण यह है कि 21वीं सदी के उत्तरार्ध (दूसरी छमाही) में वैश्विक GDP में चीन का योगदान घटने की संभावना है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:

  • चीन की वर्तमान स्थिति: वर्तमान में, PPP के आधार पर वैश्विक GDP में चीन की हिस्सेदारी लगभग 20% है (जो अमेरिका से लगभग एक-तिहाई अधिक है)।
  • जनसांख्यिकीय बदलाव: चीन की जनसंख्या का वैश्विक हिस्सा बहुत तेजी से घट रहा है—जो 1945 में दुनिया की कुल आबादी का 23% था, 2025 में घटकर लगभग 17% रह गया और 2100 तक यह 8% से भी कम होने का अनुमान है।
  • भविष्य का अनुमान: जनसंख्या में कमी के परिणामस्वरूप, वैश्विक GDP में चीन की हिस्सेदारी 21वीं सदी की दूसरी छमाही में स्थिर होकर घटने लगेगी और 2060 के आसपास भारत उसे पीछे छोड़ देगा।
  • बहुध्रुवीय विश्व: रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि 19वीं और 20वीं सदी की दुनिया के विपरीत, 21वीं सदी की दुनिया ‘बहुध्रुवीय’ (multipolar) होने के लिए तैयार है।

परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) क्या है? PPP यह मापता है कि किसी देश की मुद्रा की एक इकाई दूसरे देश में वस्तुओं और सेवाओं की कितनी कुल मात्रा खरीद सकती है। सरल शब्दों में, दो देशों के बीच PPP यह मापता है कि देश ‘A’ में सामानों की एक टोकरी खरीदने के लिए जितनी मुद्रा की आवश्यकता है, उसी समान टोकरी को देश ‘B’ में खरीदने के लिए वहां की मुद्रा की कितनी आवश्यकता होगी।

error: Content is protected !!