PROTAC टेक्नोलॉजी पर आधारित विश्व की पहली FDA-स्वीकृत थेरेपी
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी, FDA (यू.एस. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) ने हाल ही में एडवांस्ड (गंभीर) ब्रेस्ट कैंसर के कुछ खास मरीजों के लिए वेपडेगेस्ट्रेंट (vepdegestrant) नाम की दवा को मंजूरी दी है। यह दुनिया की पहली ऐसी दवा है जिसे FDA ने प्रोटैक (PROTAC) प्रौद्योगिकी के आधार पर मंजूरी दी है।
यह मंजूरी चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा कदम है। यह दवाएं कोशिकाओं (cells) के भीतर केवल हानिकारक प्रोटीन को रोकने का काम नहीं करतीं, बल्कि उन्हें पूरी तरह से नष्ट करके शरीर से बाहर निकाल देती हैं। यह एक बड़ी सफलता इसलिए है क्योंकि यह तकनीक उन प्रोटीनों को भी खत्म कर सकती है जिन्हें अब तक ‘अनड्रगेबल’ (यानी ऐसी बीमारियां जिनका दवा से इलाज नामुमकिन माना जाता था) कहा जाता था। वैज्ञानिक पिछले 20 से अधिक वर्षों से इस तकनीक को विकसित करने में लगे हुए थे।
प्रोटैक प्रौद्योगिकी के बारे में
‘प्रोटैक’ यानी PROTAC (प्रोटियोलिसिस टारगेटिंग काइमेरा) तकनीक कोशिकाओं की प्राकृतिक अपशिष्ट निपटान प्रणाली (waste disposal system) का उपयोग करती है। यह एक विशेष प्रकार का अणु (molecule) होता है जिसके दो हिस्से (heads) होते हैं जो एक लिंकर (जोड़ने वाले तार) से जुड़े होते हैं:
- पहला हिस्सा: यह बीमारी फैलाने वाले उस खास टारगेट प्रोटीन को ढूंढकर उससे चिपक जाता है।
- दूसरा हिस्सा: यह कोशिका के भीतर मौजूद एक एंजाइम (E3 ubiquitin ligase) को अपनी तरफ खींचता है।
परिणाम: यह दवा इन दोनों को एक-दूसरे के बेहद करीब ला देती है। इसके बाद, वह एंजाइम उस हानिकारक प्रोटीन पर एक खास तरह का टैग (ubiquitin tag) लगा देता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी कचरे पर ‘फेंकने वाला’ स्टिकर लगा दिया जाए। इस टैग को देखते ही कोशिका का प्राकृतिक सिस्टम उस खराब प्रोटीन को कचरा समझकर पूरी तरह से नष्ट कर देता है।
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