IUCN ने ‘डेजर्ट रेन फ्रॉग’ को ‘वल्नरेबल’ प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया
इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने अपनी ‘खतरे में पड़ी प्रजातियों की रेड लिस्ट’ (Red List of Threatened Species) के अपडेटेड संस्करण में ‘डेजर्ट रेन फ्रॉग’ (Breviceps macrops) को ‘वल्नरेबल’ की श्रेणी में रखा है।
IUCN के अनुसार, अगर संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो अगले दशक में इस प्रजाति की आबादी में लगभग 20% की कमी आने का अनुमान है।
डेजर्ट रेन फ्रॉग के बारे में
डेजर्ट रेन फ्रॉग दुनिया के सबसे अनोखे उभयचरों (amphibians) में से एक है। इसकी पहचान इसके गोल शरीर, छोटे अंगों और जमीन के नीचे बिल बनाकर रहने की आदत से होती है, जो इसे आर्द्रभूमि (wetlands) के बजाय सूखे रेगिस्तानी इलाकों में जीवित रहने में मदद करती है।
यह प्रजाति मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण-पश्चिमी नामीबिया के तटीय इलाकों की एक संकरी पट्टी में ही पाई जाती है और दुनिया में कहीं और नहीं मिलती।
यह मेंढक अपनी ज़िंदगी का अधिकांश समय तटीय रेत के टीलों के नीचे बिल बनाकर बिताता है और मुख्य रूप से रात में दीमक और अन्य छोटे कीड़ों को खाने के लिए बाहर निकलता है।
खतरे
IUCN ने इस प्रजाति के प्राकृतिक पर्यावास (habitat) के लिए हीरा खनन और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (जैसे बुगोबाई पोर्ट और रेल प्रोजेक्ट) को मुख्य खतरों के तौर पर चिह्नित किया है।
अनुमान है कि अगले 20 वर्षों में इन विकास कार्यों का प्रभाव दक्षिण अफ्रीका में इस प्रजाति के फैलाव क्षेत्र के लगभग एक-तिहाई हिस्से और नामीबिया में लगभग दो-तिहाई हिस्से पर पड़ेगा।
इसकी खास ‘डिस्ट्रेस कॉल’ वाले एक वायरल वीडियो के लोकप्रिय होने के बाद, अवैध पालतू जानवरों के व्यापार से भी इस प्रजाति पर दबाव बढ़ रहा है।
शहरीकरण, प्राकृतिक पर्यावास का नुकसान और तटीय रेत के टीलों वाले इकोसिस्टम में बढ़ती इंसानी गतिविधियाँ भी वे अतिरिक्त खतरे हैं जिनकी वजह से इस प्रजाति की संख्या घट रही है।
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