वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026: भारत 116वें स्थान पर
यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर द्वारा गैलप, संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क (SDSN) और एक समर्पित संपादकीय बोर्ड के साथ साझेदारी में ‘विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2026’ (World Happiness Report 2026) प्रकाशित की गई है।
मुख्य अंश:
- फिनलैंड लगातार नौवें वर्ष दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना हुआ है। सहयोग के प्रति फिनलैंड की गहरी प्रतिबद्धता रैंकिंग में शीर्ष पर उसकी निरंतरता की व्याख्या करती है।
- एक अन्य नॉर्डिक देश, आइसलैंड पिछले साल की तुलना में एक स्थान ऊपर चढ़कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
- डेनमार्क तीसरे स्थान पर है, जिससे लगातार एक और वर्ष पोडियम (शीर्ष तीन) पर तीनों नॉर्डिक देशों का कब्जा रहा है।
- कोस्टा रिका का चौथे (#4) स्थान पर रहना 2026 की रिपोर्ट के सबसे निर्णायक क्षणों में से एक था।
- रिपोर्ट में शामिल 147 देशों में भारत 116वें स्थान पर है, जो 2025 की 118वीं रैंक की तुलना में मामूली सुधार है।
- अफगानिस्तान एक बार फिर सबसे नाखुश देश रहा, जिसके बाद अफ्रीका के सिएरा लियोन और मलावी का स्थान है।
- 2026 की रैंकिंग लगातार दूसरा वर्ष है जब शीर्ष 10 में कोई भी अंग्रेजी भाषी देश शामिल नहीं है। अमेरिका 23वें, कनाडा 25वें और ब्रिटेन 29वें स्थान पर है।
सोशल मीडिया का प्रभाव: रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं की खुशहाली को नुकसान पहुँचा रहा है। इस वर्ष की रिपोर्ट ने सोशल मीडिया के प्रभाव पर विशेष प्रकाश डाला है, क्योंकि कई देश युवाओं के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर विधायी प्रतिबंध लगाने या उन पर विचार करने में जुटे हैं।
रैंकिंग का आधार: रैंकिंग निर्धारित करने के लिए, ‘गैलप वर्ल्ड पोल’ 147 देशों के उत्तरदाताओं से सीढ़ी (ladder) के चित्र का उपयोग करके अपने जीवन का मूल्यांकन करने के लिए कहता है। इसमें सर्वोत्तम संभव जीवन को 10 और सबसे खराब को 0 माना जाता है—इस पैमाने को ‘कैंट्रिल लैडर’ (Cantril Ladder) के रूप में जाना जाता है।
प्रसन्नता रैंकिंग के मूल्यांकन के छह कारक:
- प्रति व्यक्ति जीडीपी (GDP per capita)
- जीवन प्रत्याशा (Life expectancy)
- सामाजिक सहयोग (Social support)
- जीवन के विकल्प चुनने की स्वतंत्रता (Freedom to make life choices)
- उदारता (Generosity)
- भ्रष्टाचार का बोध (Perceptions of corruption)


