ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (Energy Transition Index: ETI) रिपोर्ट 2026
विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा ‘ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (Energy Transition Index: ETI) रिपोर्ट 2026’ जारी की गई है। ETI कुल 44 संकेतकों (indicators) का उपयोग करके 120 देशों की ऊर्जा प्रणालियों पर नज़र रखता है। साल 2026 में, ETI के इस सोलहवें वर्ष में, यह रिपोर्ट शानदार आँकड़ों की पृष्ठभूमि के बीच आई है। 2025 में वैश्विक ऊर्जा निवेश 3.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा (renewables) और परमाणु ऊर्जा ने वैश्विक बिजली का 42% हिस्सा उत्पन्न किया, और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में लगभग 800 गीगावाट (GW) की वृद्धि हुई।
लेकिन इन सफलताओं के सामने कई बढ़ती हुई बाधाएँ भी हैं, जिनमें ग्रिड पर दबाव, परमिट मिलने में देरी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं (emerging economies) में लगातार बना रहने वाला कम निवेश शामिल है। व्यापारिक प्रतिबंधों और संघर्ष-आधारित बाधाओं सहित नए दबाव इन चुनौतियों को और बढ़ा रहे हैं। इस सूचकांक (इंडेक्स) में स्वीडन सबसे आगे रहा, जिसके बाद फिनलैंड, डेनमार्क और एस्टोनिया का स्थान रहा।
ऊर्जा की वैश्विक माँग, निवेश और उत्सर्जन के बीच, भारत ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (ETI) 2026 में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले देशों में से एक बनकर उभरा है। भारत ने कई संक्रमण मापदंडों में सुधारों को दर्शाते हुए, 54.9 के समग्र स्कोर के साथ ETI 2026 में वैश्विक स्तर पर 70वाँ स्थान हासिल किया है।



