अब्राहम अकॉर्ड क्या है ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 मई, 2026 को एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए पश्चिम एशिया और उसके बाहर के कई मुस्लिम-बहुल देशों से इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य करने का आह्वान किया है। ट्रंप ने इसे ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता का एक अनिवार्य हिस्सा बताया है।
ट्रंप की ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट और नई शर्तें
अपने ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट में, राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र और जॉर्डन का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता वार्ता पूरी होने के बाद, इन देशों के लिए “न्यूनतम रूप से, एक साथ ‘अब्राहम अकॉर्ड’ (Abraham Accords) पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होना चाहिए।”
क्या है अब्राहम अकॉर्ड?
अब्राहम अकॉर्ड मूल रूप से 15 सितंबर, 2020 को व्हाइट हाउस में हस्ताक्षरित समझौतों की एक श्रृंखला है। इसका मुख्य उद्देश्य इजरायल और उसके पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाना है। यहूदी, इस्लाम और ईसाई धर्मों के साझा पैगंबर ‘अब्राहम’ के नाम पर रखे गए इन समझौतों ने पारंपरिक शांति ढांचे से हटकर आर्थिक, सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी को प्राथमिकता दी है।
- प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता: इस समझौते की शुरुआत इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और अमेरिका के साथ हुई थी।
- विस्तार: बाद में मोरक्को और सूडान भी इसमें शामिल हुए। हाल ही में 2025 में कजाकिस्तान के औपचारिक रूप से जुड़ने के बाद यह समझौता मध्य एशिया तक विस्तारित हो गया है।
कूटनीतिक हलचल
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को समाप्त करने और क्षेत्रीय स्थिरता लाने के लिए बातचीत चल रही है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप इन समझौतों के माध्यम से एक ऐसे “विश्व गठबंधन” का निर्माण करना चाहते हैं जो मध्य पूर्व में दशकों से चल रहे संघर्षों को समाप्त कर सके। हालाँकि, पाकिस्तान सहित कई देशों ने इस पर अपनी पुरानी नीतियों को दोहराते हुए इसे एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती बताया है।


