AI की मदद से वैज्ञानिकों ने बैक्टीरियोफेज के संपूर्ण जीनोम डिजाइन किए

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और Arc Institute के शोधकर्ताओं ने AI की मदद से बैक्टीरिया को संक्रमित करने वाले वायरस बैक्टीरियोफेज (Bacteriophages/Phages) के संपूर्ण जीनोम डिजाइन किए हैं।

यह अध्ययन एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमणों (Antimicrobial Resistance) के उपचार के लिए एंटीबायोटिक के संभावित विकल्प के रूप में फेज थेरेपी के विकास में महत्वपूर्ण हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने Evo1 और Evo2 नामक AI प्रोग्राम का उपयोग करके ΦX174 (Phi-X174) फेज परिवार पर आधारित नए बैक्टीरियोफेज डिजाइन किए। ये फेज मुख्य रूप से Escherichia coli (E. coli) बैक्टीरिया को लक्षित करते हैं।

बैक्टीरियोफेज के बारे में

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बैक्टीरियोफेज ऐसे वायरस हैं जो विशिष्ट रूप से बैक्टीरिया को लक्षित कर उन्हें नष्ट करते हैं।

फेज प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले सबसे प्रचुर जैविक घटकों में से एक हैं और बैक्टीरियल आबादी को नियंत्रित करने तथा माइक्रोबियल प्रणाली  को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फेज बैक्टीरिया को लाइसिस (Lysis) नामक प्रक्रिया के माध्यम से नष्ट करते हैं। इसमें वायरस पहले बैक्टीरियल कोशिका से जुड़ता है और अपना DNA कोशिका के अंदर पहुंचाता है।

इसके बाद फेज बैक्टीरियल कोशिका की आनुवंशिक मशीनरी को पुनः प्रोग्राम करके नए फेज का निर्माण करवाता है। अंततः बैक्टीरियल कोशिका फट जाती है और बड़ी संख्या में नए फेज बाहर निकलते हैं।

फेज की एक प्रमुख विशेषता यह है कि वे विशिष्ट बैक्टीरिया को लक्षित करते हैं और सामान्यतः मानव कोशिकाओं को संक्रमित नहीं करते हैं।

इस विशिष्टता के कारण फेज एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया के खिलाफ संभावित उपचार विकल्प बन सकते हैं।

फेज थेरेपी (Phage Therapy) का उपयोग मनुष्यों, पशुओं और पौधों में बैक्टीरियल संक्रमणों के उपचार एवं रोकथाम के लिए किया जा सकता है।

WHO के अनुसार, मानव स्वास्थ्य में फेज थेरेपी विशेष रूप से उन संक्रमणों के उपचार में उपयोगी हो सकती है जो एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो गए हैं।

फेज थेरेपी की सफलता के उदाहरणों में Methicillin-resistant Staphylococcus aureus (MRSA) और Pseudomonas aeruginosa जैसे बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण शामिल हैं।

हालांकि, अधिकांश देशों में फेज अभी स्वीकृत औषधीय उत्पाद (Biological Medicinal Products) नहीं हैं। इसलिए गंभीर और जीवन-घातक परिस्थितियों में, जब अन्य उपचार विकल्प समाप्त हो जाते हैं, इनका उपयोग मुख्यतः compassionate grounds पर किया जाता है। 

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