निर्माण श्रमिक कल्याण उपकर

भारत सरकार ने अधिसूचित किया है कि निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए कुल निर्माण लागत पर 1 प्रतिशत उपकर (cess) लगाया जाएगा। इसमें भूमि की लागत और मुआवजे की राशि शामिल नहीं होगी। इस राशि का उपयोग राज्य कल्याण बोर्डों द्वारा प्रबंधित योजनाओं, जैसे कि स्वास्थ्य लाभ, शैक्षिक सहायता और श्रमिकों के बीमा के लिए किया जाएगा।

यह प्रावधान 1 मई से प्रभावी हो गया है, जब श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राजपत्र (Official Gazette) में चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) से संबंधित अन्य सूचनाओं के साथ इसे अधिसूचित किया।

इन नई श्रम संहिताओं में कल्याण बोर्डों को स्थान दिया गया है, जिन्होंने पुराने ‘भवन और अन्य निर्माण श्रमिक (रोजगार और सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 1996’ (BOCW Act) का स्थान लिया है। पुराने BOCW ढांचे को अब दो श्रम संहिताओं में विभाजित कर दिया गया है:

  • सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security, 2020): इसके तहत कल्याण बोर्ड, श्रमिकों का पंजीकरण, 1 प्रतिशत उपकर, कल्याण कोष और लाभ वितरण के प्रावधान शामिल हैं।
  • व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020): इसके अंतर्गत निर्माण स्थलों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थितियों से जुड़े मामलों को रखा गया है।
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