थूथुकुडी में भारत के पहले मेगा ग्रीनफ़ील्ड शिपयार्ड के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए

तमिलनाडु के थूथुकुडी (Thoothukudi) में भारत के पहले मेगा ग्रीनफील्ड शिपयार्ड (Mega Greenfield Shipyard) के विकास के लिए 20 अप्रैल 2026 को एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

यह समझौता भारत और दक्षिण कोरिया के बीच ‘शिपबिल्डिंग, शिपिंग और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स’ में साझेदारी के लिए शुरू किए गए व्यापक ढांचे ‘VOYAGES’ (Shared Vision for Operation of Yard Assisted Growth with Efficiency and Scale) के तहत हुआ है। इस फ्रेमवर्क की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग (Lee Jae Myung) के बीच हुई बैठक के बाद की गई थी। 

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • रणनीतिक साझेदारी: थूथुकुडी ग्रीनफील्ड शिपयार्ड भारत-दक्षिण कोरिया (ROK) समुद्री सहयोग ढांचे के शुरुआती परिणामों में से एक है, जो समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।
  • क्षमता: यह समझौता थूथुकुडी में विश्व स्तरीय मेगा शिपयार्ड के संयुक्त विकास, वित्तपोषण, निर्माण और संचालन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है, जिसकी अनुमानित वार्षिक क्षमता 2.5 मिलियन ग्रॉस टनेज (GT) होगी।
  • रोजगार के अवसर: परिचालन पूरी तरह से शुरू होने पर इस परियोजना से लगभग 15,000 प्रत्यक्ष नौकरियां (direct jobs) पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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