पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS)

दुनिया भर में 170 मिलियन महिलाओं को प्रभावित करने वाला और बंध्यापन (infertility) का मुख्य कारण बनने वाला विकार, जिसे पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) के रूप में जाना जाता है, अब निदान और देखभाल में सुधार के लिए नया नाम दिया जा रहा है। शोधकर्ताओं ने 12 मई को एक मेडिकल मीटिंग में इसकी घोषणा की।

इसका नया नाम पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) या PMOS रखा गया है। ‘द लांसेट’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, प्राग में ‘यूरोपीय कांग्रेस ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी’ में प्रस्तुति के साथ साझा किया गया कि यह नाम मरीजों, चिकित्सकों और चिकित्सा संगठनों के एक वैश्विक गठबंधन द्वारा चुना गया है, ताकि इस स्थिति के व्यापक हार्मोनल और चयापचय (metabolic) प्रभावों को बेहतर ढंग से दर्शाया जा सके।

इस स्थिति में, अंडाशय (ovaries) अतिरिक्त एण्ड्रोजन (पुरुष विशेषताओं को नियंत्रित करने वाले हार्मोन) का उत्पादन करते हैं, जिससे अनियमित पीरियड्स, डिम्बग्रंथि अल्सर (ovarian cysts), मुँहासे, वजन बढ़ना और प्रजनन संबंधी कठिनाइयाँ होती हैं। लेकिन कई विशेषज्ञों ने लंबे समय से तर्क दिया है कि पुराना नाम अधूरा और भ्रमित करने वाला था। केवल अंडाशय पर ध्यान केंद्रित करने के कारण, यह इस स्थिति से जुड़ी चयापचय, हार्मोनल, प्रजनन और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों के पूरे स्पेक्ट्रम को पकड़ने में विफल रहा। इसी समझ ने नाम परिवर्तन को बढ़ावा दिया। 

PMOS: एक बहु-प्रणाली विकार (Multisystem Disorder)

PCOS का नाम बदलकर PMOS करना इस समझ को दर्शाता है कि यह एक बहु-प्रणाली विकार है, जिसमें एंडोक्राइन, मेटाबॉलिक, प्रजनन, मनोवैज्ञानिक और त्वचा संबंधी विशेषताएं शामिल हैं। “PCOS” शब्द मुख्य रूप से अंडाशय पर केंद्रित था और स्थिति की व्यापक प्रकृति का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं करता था। नया नाम अगले तीन वर्षों में वैश्विक स्तर पर धीरे-धीरे पेश किया जाएगा। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, PMOS एक सामान्य हार्मोनल विकार है जिसमें एण्ड्रोजन का स्तर सामान्य से अधिक होने के कारण महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म, असामान्य ओव्यूलेशन, बांझपन, चेहरे या शरीर पर अत्यधिक बाल और/या मुंहासे की समस्या होती है।

एक अनुमान के मुताबिक, यह प्रजनन आयु की 10-13% महिलाओं को प्रभावित करता है। यह भी अनुमान लगाया गया है कि दुनिया भर में PMOS से पीड़ित 70% तक महिलाओं को यह पता ही नहीं होता कि वे इस स्थिति से जूझ रही हैं।

PMOS के प्रमुख प्रभाव और जोखिम:

  • बांझपन का मुख्य कारण: PMOS विश्व स्तर पर महिलाओं में ‘एनोव्यूलेशन’ (अंडाशय से अंडे का न निकलना) का सबसे आम कारण है और बांझपन का एक प्रमुख कारक है।
  • वंशानुगत और विविधता: PMOS परिवारों में चलता है (जेनेटिक), लेकिन यह अलग-अलग महिलाओं में अलग-अलग लक्षण पैदा कर सकता है और उन्हें अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है।
  • दीर्घकालिक चयापचय स्थिति (Chronic Metabolic Condition): यह एक पुरानी स्थिति है जो प्रजनन वर्षों के बाद भी बनी रहती है।
  • गंभीर स्वास्थ्य जोखिम: PMOS वाली महिलाओं में उन महिलाओं की तुलना में कई दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम अधिक होता है जिन्हें यह समस्या नहीं है। इनमें शामिल हैं:
    • इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin resistance)
    • टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस
    • मोटापा (Obesity)
    • शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर प्रभाव

यह स्थिति न केवल शारीरिक बल्कि भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है, जिससे जीवन की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ता है।

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