जनजाति संस्कृति समागम

केंद्रीय गृह मंत्री ने 24 मई को नई दिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘जनजाति संस्कृति समागम’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।

इस अवसर पर उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • जनजातीय एकता: गृह मंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के बाद यह पहला जनजातीय आंदोलन है जिसने पूरे देश को एकजुट किया है।
  • भगवान बिरसा मुंडा का योगदान: उन्होंने ‘उलगुलान’ (Ulgulan) आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आंदोलन ने अंग्रेजों के अहंकार को चूर-चूर कर दिया था। उस समय संचार सुविधाओं के अभाव के बावजूद, भगवान बिरसा मुंडा झारखंड से लेकर गुजरात और पूरे भारत में यह संदेश फैलाने में सफल रहे कि हमारी आस्था ही सच्ची आस्था है और हमारे जंगलों पर कोई अतिक्रमण नहीं कर सकता।
  • समान नागरिक संहिता (UCC) पर स्पष्टीकरण: गृह मंत्री श्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (UCC) का कोई भी प्रावधान जनजातीय समुदायों पर थोपा नहीं जाएगा और न ही यह उनके किसी भी अधिकार का उल्लंघन करेगा।
  • विशेष प्रावधान: उन्होंने बताया कि गुजरात और उत्तराखंड में लागू UCC में ऐसे विशेष प्रावधान हैं जो सभी जनजातीय समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखते हैं।
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