इसरो ने लेह में मिशन MITRA शुरू किया

इसरो (ISRO) ने 02 से 09 अप्रैल, 2026 तक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में मिशन MITRA (Mapping of Interoperable Traits and Response Assessment) शुरू किया है। लेह की लगभग 3,500 मीटर की अत्यधिक ऊँचाई, हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी), कम तापमान और अलगाव जैसी पर्यावरणीय स्थितियों के साथ अंतरिक्ष उड़ान संचालन के लिए एक प्राकृतिक एनालॉग (समान परिस्थिति) के रूप में कार्य करती है।

मिशन MITRA अपनी तरह का पहला टीम व्यवहार संबंधी अध्ययन है, जिसे इसरो और आईएएफ-इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन (IAF-IAM) द्वारा उच्च-ऊंचाई वाले वातावरण में कार्य करने वाले क्रू और ग्राउंड टीमों की शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और परिचालन गतिशीलता की जांच करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इस अध्ययन का लक्ष्य क्रू (गगनयात्री) और ग्राउंड कंट्रोल टीमों के बीच टीम इंटर-ऑपरेबिलिटी (अंतः-प्रचालनीयता) तथा पर्यावरणीय एवं परिचालन तनाव के तहत निर्णय लेने की प्रभावशीलता पर महत्वपूर्ण समझ विकसित करना है।

इसमें यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले लोग आपस में कैसे सहयोग करते हैं, निर्णय कैसे लेते हैं और उनके शरीर तथा मन पर क्या प्रभाव पड़ता है। मिशन MITRA मानव अंतरिक्ष उड़ान संचालन में भारत की क्षमताओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्रू के प्रदर्शन और मानवीय कारकों पर उत्पन्न वैज्ञानिक डेटा सीधे गगनयान कार्यक्रम और भविष्य के लंबी अवधि के मिशनों में योगदान देगा।

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