वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात

MPEDA द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात ₹72,325.82 करोड़ (8.28 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसकी मात्रा 19.32 लाख मीट्रिक टन रही।

  • प्रमुख चालक: फ्रोजन झींगा (Frozen shrimp) विकास का प्राथमिक चालक बना रहा, जिसने ₹47,973.13 करोड़ (5.51 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया, जो कुल निर्यात आय के दो-तिहाई से अधिक है।
  • निर्यात गंतव्य: संयुक्त राज्य अमेरिका 2.32 बिलियन अमेरिकी डॉलर के कुल आयात के साथ सबसे बड़े निर्यात गंतव्य के रूप में बना रहा। हालांकि, मुख्य रूप से पारस्परिक टैरिफ के प्रभाव के कारण अमेरिका को होने वाले शिपमेंट में मात्रा में 19.8% और मूल्य में 14.5% की गिरावट आई। दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य चीन रहा, जहां निर्यात मूल्य में 22.7% और मात्रा में 20.1% की वृद्धि हुई।
  • उत्पाद रुझान: फ्रोजन मछली, स्क्विड, कटलफिश, सूखी वस्तुओं और जीवित उत्पादों के निर्यात में सकारात्मक गति देखी गई, जबकि ठंडे (chilled) उत्पादों में गिरावट आई। सुरीमी, मछली के भोजन (fishmeal) और मछली के तेल के निर्यात में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया।

रसद (Logistics): कुल निर्यात मूल्य में शीर्ष पांच बंदरगाहों—विजाग, जेएनपीटी (JNPT), कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई—की हिस्सेदारी लगभग 64% रही, जो भारत की समुद्री उत्पाद निर्यात आपूर्ति श्रृंखला में उनके निरंतर महत्व को रेखांकित करती है।

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