लॉजिस्टिक्स पोर्ट परफॉरमेंस इंडेक्स, 2024-25
भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ‘लॉजिस्टिक्स पोर्ट परफॉरमेंस इंडेक्स’ (LPPI) और शिपिंग इकोसिस्टम में पारदर्शिता एवं सुगमता लाने के लिए चार प्रमुख डिजिटल पहलों को लॉन्च करके अपने समुद्री क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है।
ये पहलें मुंबई, महाराष्ट्र में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) के 37वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा लॉन्च की गईं। ‘सागर आकलन’ ढांचे के तहत विकसित LPPI एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग तंत्र है, जिसे भारतीय बंदरगाहों के परिचालन प्रदर्शन का आकलन करने और उसे सुधारने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
LPPI बंदरगाहों का मूल्यांकन तीन कार्गो श्रेणियों – ड्राई बल्क, लिक्विड बल्क और कंटेनर कार्गो में करता है। इसमें कार्गो हैंडलिंग, वेसल टर्नअराउंड टाइम, बर्थ आइडल टाइम, प्री-बर्थिंग वेटिंग टाइम, कंटेनर ड्वेल टाइम और शिप बर्थ डे आउटपुट जैसे परिचालन संकेतकों का उपयोग किया जाता है।
प्रमुख प्रदर्शनकारी (Top Performers):
- ड्राई बल्क कार्गो: पारादीप पोर्ट अथॉरिटी (5 मिलियन टन से अधिक हैंडलिंग के साथ शीर्ष पर)।
- लिक्विड बल्क कार्गो: सिक्का पोर्ट एंड टर्मिनल्स।
- कंटेनर कार्गो: मुंद्रा पोर्ट (0.5 मिलियन TEU से अधिक हैंडलिंग के साथ शीर्ष पर); जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी इस श्रेणी में दूसरे स्थान पर रही।
मंत्री सोनोवाल ने रेखांकित किया कि विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स परफॉरमेंस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग ‘इंटरनेशनल शिपमेंट्स’ श्रेणी में 44वें से सुधरकर 22वें स्थान पर आ गई है, और विश्व बैंक के ‘कंटेनर पोर्ट परफॉरमेंस इंडेक्स 2024’ में दुनिया के शीर्ष 100 बंदरगाहों में सात भारतीय बंदरगाह शामिल हैं।
चार डिजिटल पहलें
LPPI के साथ-साथ, सोनोवाल ने नाविकों और समुद्री हितधारकों के लिए सेवा वितरण, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार हेतु शिपिंग महानिदेशालय (DGS) द्वारा विकसित चार डिजिटल पहलें भी लॉन्च कीं:
- e-Navik प्लेटफॉर्म: 24×7 शिकायत निवारण मॉड्यूल।
- e-Samudra प्लेटफॉर्म: जहाज पंजीकरण (Ship Registration) मॉड्यूल।
- मेडिकल प्रैक्टिशनर मॉड्यूल।
- यूनिफाइड शिप रीसाइक्लिंग क्रेडिट नोट मॉड्यूल।


