भारत ने अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने 22 मई, 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (Integrated Test Range) से ‘अग्नि-1’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। सामरिक बल कमान (Strategic Forces Command) के तत्वावधान में किए गए इस सफल परीक्षण ने मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों को सिद्ध कर दिया है।

अग्नि-1 मिसाइल की मुख्य विशेषताएं

  • प्रकार: शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM)।
  • मारक क्षमता: 700 किमी से 1,200 किमी तक।
  • क्षमता: यह पारंपरिक और परमाणु, दोनों तरह के वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।
  • गतिशीलता: इसे विशेष ‘ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर’ के जरिए सड़क मार्ग से कहीं भी ले जाया जा सकता है और रेल-आधारित प्लेटफार्मों से भी लॉन्च किया जा सकता है।
  • पृष्ठभूमि: इसका विकास 1999 के करगिल युद्ध के बाद किया गया था ताकि ‘पृथ्वी-II’ (250 किमी) और ‘अग्नि-II’ (लंबी दूरी) के बीच की सामरिक कमी को पूरा किया जा सके।

रणनीतिक संदर्भ

यह परीक्षण भारत की “न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोध” (Minimum Credible Deterrence) नीति के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी समय अपनी सामरिक संपत्तियों को तैनात करने और उपयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

MIRV परीक्षण

  • मई 2026 का MIRV परीक्षण: इस परीक्षण से कुछ सप्ताह पूर्व, भारत ने अपनी उन्नत ‘अग्नि’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया था, जो MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक से लैस है।

MIRV तकनीक: यह तकनीक एक ही मिसाइल के जरिए अलग-अलग दूरी पर स्थित कई लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम बनाती है, जिससे भारत अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन जैसे चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है।

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