हरियाणा की पहली ‘नक्षत्र वाटिका’ का सरस्वती वन्यजीव अभयारण्य में अनावरण
हरियाणा का पहला ‘नक्षत्र वाटिका’ (कॉन्स्टेलेशन गार्डन) पेहोवा के सयोंसर वन क्षेत्र में स्थित सरस्वती वन्यजीव अभयारण्य में विकसित किया गया है। राज्य सरकार की इस पहल को अन्य जिलों में भी विस्तार देने की योजना है।
‘नक्षत्र वाटिका’ की मुख्य विशेषताएं:
- उद्देश्य: इस वाटिका का मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय परंपराओं में वर्णित 27 नक्षत्रों से संबंधित पेड़ों के महत्व को संरक्षित करना और उनके बारे में जागरूकता फैलाना है।
- प्रबंधन: इसे हरियाणा सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड (HSHDB) द्वारा विकसित किया गया है।
- उद्घाटन: इसका उद्घाटन पिछले ‘वन महोत्सव’ के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा किया गया था।
- शैक्षिक जानकारी: यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए प्रत्येक पेड़ के वैज्ञानिक और पारंपरिक महत्व से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई है, जो ग्रहों की गति और विशिष्ट पेड़ों के बीच के संबंधों को समझने में मदद करती है।
भविष्य की योजनाएं:
इस परियोजना की सफलता को देखते हुए, अधिकारी अब राज्य के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी ऐसी वाटिकाएं स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- कुरुक्षेत्र
- कैथल
- यमुनानगर जिले का आदि बद्री वन क्षेत्र


