FIU-IND के मामले को ‘बेस्ट एग्मोंट केस अवार्ड (BECA) 2026’ में रनर-अप का पुरस्कार मिला

भारतीय वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) ने बड़े पैमाने पर हुए एक साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के मामले को उजागर करने के लिए वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अजरबैजान के बाकू में आयोजित ‘एगमोंट ग्रुप प्लेनरी’ (Egmont Group Plenary) के दौरान FIU-IND को प्रतिष्ठित ‘बेस्ट एगमोंट केस अवार्ड’ (BECA) 2026 में उपविजेता (रनर-अप) स्थान से नवाजा गया।

‘बेस्ट एगमोंट केस अवार्ड’ 

‘बेस्ट एगमोंट केस अवार्ड’ एगमोंट ग्रुप के भीतर मिलने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक है। यह पुरस्कार उन उत्कृष्ट ऑपरेशनल मामलों को मान्यता देता है जो वित्तीय खुफिया जानकारी, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और मनी लॉन्ड्रिंग व आतंकवाद के वित्तपोषण (Terrorist Financing) के खिलाफ लड़ाई में असाधारण प्रदर्शन करते हैं।

इस वैश्विक प्रतियोगिता में एगमोंट ग्रुप के 182 सदस्य देशों/क्षेत्राधिकारों की प्रविष्टियों (Submissions) में से FIU-IND के मामले को शीर्ष दो फाइनलिस्टों में चुना गया, जिसके बाद प्लेनरी सत्र में इसे उपविजेता घोषित किया गया।

कैसे शुरू हुई जांच और क्या था मामला?

  • इंटेलिजेंस इनपुट: इस पूरे मामले की शुरुआत ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (I4C) द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी से हुई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर हो रहे एक साइबर फ्रॉड का इनपुट दिया गया था।
  • बड़ा नेटवर्क उजागर: इसके बाद, FIU-IND ने वित्तीय खुफिया विश्लेषण के जरिए एक बेहद जटिल मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
  • फंड और खातों का जाल: इस नेटवर्क के तहत करीब 868 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी की रकम को ठिकाने लगाया जा रहा था। जांच में 5,000 से अधिक म्‍यूल बैंक खातों (Mule Bank Accounts – दूसरों के नाम पर धोखे से खोले या इस्तेमाल किए गए खाते) का पता चला।
  • क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल: जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने विभिन्न देशों में फैले जटिल क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन (Cryptocurrency Transactions) के जरिए पैसों की हेराफेरी की थी, जिसे भारतीय जांच एजेंसियों ने क्रैक करने में सफलता पाई।

FIU-IND के बारे में

  • फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) एक राष्ट्रीय एजेंसी है जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, उसका विश्लेषण करने और उसे आगे भेजने का काम करती है।
  • यह केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत काम करती है और मनी लॉन्ड्रिंग व टेररिस्ट फाइनेंसिंग से निपटने के लिए भारत की केंद्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करती है।

एग्मोंट ग्रुप के बारे में

  • एग्मोंट ग्रुप, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट्स (FIUs) का एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है। इसे 1995 में फाइनेंशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने और मनी लॉन्ड्रिंग, टेररिस्ट फाइनेंसिंग व संबंधित वित्तीय अपराधों के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए स्थापित किया गया था।
  • इस ग्रुप में वर्तमान में 182 सदस्य देश शामिल हैं, जो दुनिया भर की राष्ट्रीय FIUs के बीच सहयोग, जानकारी साझा करने और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देते हैं।
  • FIU के प्रमुख (HoFIU) एग्मोंट ग्रुप की मुख्य गवर्निंग बॉडी हैं। HoFIU सदस्यता, संरचना, बजट और मुख्य सिद्धांतों को प्रभावित करने वाले मामलों पर आम सहमति से निर्णय लेते हैं।
  • एग्मोंट ग्रुप वित्तीय जांच नहीं करता है। इसके बजाय, घरेलू कानून प्रवर्तन और जांच एजेंसियां ​​ऐसी जांच का प्रबंधन करती हैं।
  •  इसका मुख्यालय ओटावा, कनाडा में स्थित है।

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