अभ्यास ‘द्वीप शक्ति’
भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) ने एक संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित किया, जिसमें समन्वित उभयचर हमलों (Amphibious Assaults), समुद्री प्रभुत्व संचालन और जटिल बीच लैंडिंग अभ्यासों का प्रदर्शन किया गया। इस अभ्यास में अगली पीढ़ी के उपकरणों और ड्रोन्स का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया।
अभ्यास ‘द्वीप शक्ति’ (Exercise Dweep Shakti) के मुख्य बिंदु:
- आयोजन: यह उच्च-तीव्रता वाला अभ्यास 24 से 28 मार्च तक आयोजित किया गया।
- उद्देश्य: तटीय और द्वीप रक्षा संचालन के दौरान “त्वरित प्रतिक्रिया” (Rapid Response) के लिए एकीकृत क्षमताओं का परीक्षण और सत्यापन करना।
- रणनीतिक महत्व: इस अभ्यास ने एकीकृत युक्तियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं (TTPs) को और अधिक परिष्कृत किया है।
अभ्यास की प्रमुख विशेषताएं:
- बहु-डोमेन क्षमता (Multi-domain Capability): यह अभ्यास भारत की समुद्री सीमाओं और द्वीप क्षेत्रों को सुरक्षित करने के प्रति सशस्त्र बलों की बढ़ती ताकत और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- उभयचर संचालन: इसमें समुद्र से जमीन पर सेना उतारने (Beach Landing) के कठिन अभ्यासों को अंजाम दिया गया।
- आधुनिक तकनीक: अगली पीढ़ी के हथियारों और निगरानी के लिए ड्रोन का प्रभावी उपयोग किया गया।


