DRDO का विक्रम VT 21 प्रोजेक्ट: उन्नत बख्तरबंद प्लेटफार्म

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने हाल ही में अपने विक्रम VT 21 प्रोजेक्ट के तहत दो उन्नत बख्तरबंद प्लेटफार्म — व्हील्ड (Wheeled) और ट्रैक्ड (Tracked) — लॉन्च किए हैं।

विक्रम VT 21 एक आधुनिक सैन्य लड़ाकू वाहन है जिसे विशिष्ट प्रोजेक्टाइल (गोले), विस्फोटों और छर्रों को सहने के लिए बढ़ी हुई कवच सुरक्षा (Armour Protection) के साथ बनाया गया है। इसमें विभिन्न इलाकों में बेहतर गतिशीलता, एकीकृत हथियार और निगरानी प्रणालियाँ शामिल हैं। 

विक्रम VT 21 के दो संस्करण (Variants)

  1. व्हील्ड (Wheeled): ये टायरों पर चलते हैं और अधिक तेज होते हैं। इनका रखरखाव आसान है और ये सड़कों तथा शहरी एवं अर्ध-शहरी वातावरण के लिए बेहतर अनुकूल हैं।
  2. ट्रैक्ड (Tracked): ये टैंकों की तरह निरंतर चलने वाले ‘ट्रैक’ (पट्टे) पर चलते हैं। ये उबड़-खाबड़, असमान या ऑफ-रोड इलाकों में बेहतर पकड़, स्थिरता और प्रदर्शन प्रदान करते हैं। 

विकास और विनिर्माण

इन प्लेटफार्मों को डीआरडीओ की प्रमुख सुविधा वाहन अनुसंधान और विकास स्थापना (VRDE) द्वारा दो उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर विकसित किया गया है:

  • भारत फोर्ज लिमिटेड (Bharat Forge Limited)
  • टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (Tata Advanced Systems Limited)
  • इसमें कई MSMEs और अन्य DRDO प्रयोगशालाओं का भी सहयोग शामिल है। 

प्रमुख विशेषताएं और सुरक्षा मानक

  • 30 मिमी क्रूलेस बुर्ज (Crewless Turret): ये वाहन स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए 30 मिमी के रिमोट-ओपरेटेड गन सिस्टम से लैस हैं। इसमें बुर्ज के अंदर किसी सैनिक के बैठने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे चालक दल की सुरक्षा बढ़ती है और वाहन की मारक क्षमता एवं गतिशीलता में सुधार होता है।
  • STANAG लेवल 4 और 5 सुरक्षा: ये नाटो (NATO) द्वारा परिभाषित मानक हैं।
    • लेवल 4 और 5 का अर्थ है कि ये वाहन भारी गोलीबारी, विस्फोटों और तोपखाने के टुकड़ों (artillery fragments) के खिलाफ अत्यधिक प्रतिरोधी हैं।
    • इनमें मॉड्यूलर ब्लास्ट और बैलिस्टिक सुरक्षा दी गई है।
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