IN–SLN DIVEX 2026: भारत और श्रीलंका द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास

भारत और श्रीलंका ने 21-28 अप्रैल 2026 तक कोलंबो में आयोजित द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास, IN–SLN DIVEX 2026 के चौथे संस्करण के माध्यम से अपनी बढ़ती समुद्री साझेदारी की पुष्टि की है। 

IN–SLN DIVEX 2026: भारत-श्रीलंका डाइविंग अभ्यास

इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के डाइविंग सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू पोत, INS निरीक्षक ने दोनों नौसेनाओं की डाइविंग टीमों के साथ भाग लिया। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच परिचालन समन्वय और पेशेवर तालमेल को रेखांकित करता है। 

अभ्यास के मुख्य उद्देश्य और गतिविधियाँ

  • परिचालन क्षमता: IN–SLN DIVEX का मुख्य उद्देश्य पानी के नीचे के जटिल संचालनों (underwater operations) के लिए भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (अंतःक्रियाशीलता) को मजबूत करना है।
  • उन्नत अभ्यास: इस अभ्यास में गहरे समुद्र में डाइविंग के उन्नत चरण शामिल थे, जिसमें मिश्रित गैस डाइविंग ड्रिल (Mixed gas diving drills) पर विशेष ध्यान दिया गया।
  • ऐतिहासिक स्थलों पर डाइविंग: दोनों नौसेनाओं के गोताखोरों ने कोलंबो के तट पर द्वितीय विश्व युद्ध के समय के जहाजों के मलबे — SS Worcester और SS Perseus — पर मिश्रित गैस डाइव का सफल संचालन किया। 

मानवीय सहयोग और ‘आरोग्य मैत्री’: समुद्री अभ्यास के साथ-साथ, इस दौरान मानवीय सहयोग का भी विस्तार किया गया:

  • भीष्म (BHISM) क्यूब्स: भारत की ‘आरोग्य मैत्री’ पहल के तहत श्रीलंका को दो BHISM (Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita and Maitri) क्यूब्स सौंपे गए।
  • महत्व: ये पोर्टेबल चिकित्सा इकाइयाँ आपदा प्रतिक्रिया और चिकित्सा तैयारियों को बढ़ाने में सहायक होंगी। 

निष्कर्षअभ्यास के समापन पर, INS निरीक्षक को एक औपचारिक विदाई दी गई, जो दोनों नौसेनाओं के बीच मजबूत सौहार्द और स्थायी समुद्री साझेदारी का प्रतीक है। यह निरंतर सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के भारत के ‘सागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) दृष्टिकोण के अनुरूप है।

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