प्रधानमंत्री 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।
गंगा एक्सप्रेसवे के बारे में
गंगा एक्सप्रेसवे एक 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य), एक्सेस-कंट्रोल ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे लगभग ₹36,230 करोड़ की कुल लागत से बनाया गया है।
- क्षेत्रीय जुड़ाव: यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों — मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज — से होकर गुजरता है। यह उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ता है।
- यात्रा समय में कमी: इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय वर्तमान 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है, जिससे परिवहन की दक्षता बढ़ेगी।
- सामरिक महत्व (हवाई पट्टी): इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (हवाई पट्टी) का प्रावधान है। यह दोहरे उपयोग वाला बुनियादी ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करता है।
आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव
- एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स गलियारा: गंगा एक्सप्रेसवे को एक बड़े आर्थिक गलियारे के रूप में परिकल्पित किया गया है। इसके मार्ग के साथ 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर में एकीकृत विनिर्माण और रसद गलियारे (Integrated Manufacturing and Logistic Corridors) विकसित किए जाएंगे।
- प्रतिस्पर्धात्मकता: यह एक्सप्रेसवे रसद (Logistics) लागत को कम करेगा, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की दक्षता में सुधार करेगा और विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देगा।
परियोजना का सारांश
| विवरण | जानकारी |
| कुल लंबाई | 594 किलोमीटर |
| लेन की संख्या | 6 लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य) |
| कुल लागत | ₹36,230 करोड़ |
| प्रवेश द्वार | मेरठ (बिजौली गांव) |
| निकास द्वार | प्रयागराज (जुडापुर दांदू गांव) |
| विशेष सुविधा | शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी |


