SIPRI इयरबुक 2026: मुख्य बिंदु
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने अपनी हालिया ‘SIPRI इयरबुक 2026’ जारी की है, जो हथियारों, निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की स्थिति का एक वार्षिक आकलन है। रिपोर्ट के अनुसार, नौ परमाणु-सशस्त्र देशों—संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (उत्तर कोरिया) और इज़राइल—ने 2025 में अपने परमाणु शस्त्रागार को आधुनिक बनाने और बढ़ाने के कार्यक्रम जारी रखे।
परमाणु हथियार सांख्यिकी (जनवरी 2026 तक):
- कुल वैश्विक इन्वेंट्री: लगभग 12,187 परमाणु वॉरहेड्स।
- सैन्य स्टॉकपाइल (संभावित उपयोग के लिए): लगभग 9,745 वॉरहेड्स।
- तैनात (मिसाइलों और विमानों के साथ): लगभग 4,012 वॉरहेड्स, शेष केंद्रीय भंडारण में हैं।
भारत से संबंधित प्रमुख निष्कर्ष:
- परमाणु हथियारों की तैनाती: भारत की परमाणु नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है, जिसमें भारत ने पहली बार 12 परमाणु वॉरहेड्स मिसाइलों पर ‘तैनात’ (deploy) किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार है जब भारत के परमाणु शस्त्रागार को केवल स्टॉकपाइल (भंडारण) के बजाय “परिचालन रूप से तैनात” (operationally deployed) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- कुल शस्त्रागार: जनवरी 2026 तक भारत के पास अनुमानित 190 परमाणु हथियार थे, जो 2025 (180) की तुलना में थोड़ी वृद्धि है।
- सैन्य व्यय: 92.1 बिलियन डॉलर के खर्च के साथ, भारत 2025 में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बना रहा। पिछले साल (2024) की तुलना में भारत के सैन्य खर्च में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- हथियार आयात: रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2021 से 2025 तक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा, जिसकी वैश्विक आयात में 8.2 प्रतिशत हिस्सेदारी है।


