प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने कार्यालय में 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं, जो पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड (प्रथम आम चुनाव के बाद) से अधिक है।
भारत के प्रधानमंत्री की भूमिका और शक्तियाँ
भारतीय संविधान के अनुसार, प्रधानमंत्री भारत सरकार की कार्यपालिका के वास्तविक प्रमुख और राष्ट्रपति के मुख्य सलाहकार होते हैं।
- संवैधानिक प्रावधान:
- अनुच्छेद 74(1): संविधान के अनुसार, एक मंत्रिपरिषद होगी जिसके प्रमुख प्रधानमंत्री होंगे। यह मंत्रिपरिषद राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देगी, और राष्ट्रपति अपनी शक्तियों का प्रयोग इसी सलाह के अनुसार करेंगे। अतः, वास्तविक शक्ति प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में निहित है।
- अनुच्छेद 75(3): इसके अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है।
- प्रधानमंत्री की प्रमुख शक्तियां और कार्य:
- मंत्रिपरिषद का नेतृत्व: प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल के सदस्यों का चयन और उन्हें बर्खास्त कर सकते हैं। वे विभागों (पोर्टफोलियो) का आवंटन करते हैं और मंत्रिमंडल की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं।
- संसदीय नेता: प्रधानमंत्री किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) के सदस्य हो सकते हैं, लेकिन उन्हें लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन का नेता होना अनिवार्य है।
- लोकसभा का विघटन: लोकसभा को भंग करने की सलाह देने का अधिकार केवल प्रधानमंत्री के पास है।
- सरकारी नीतियों के मुख्य प्रवक्ता: संसद में सरकार की नीतियों को रखने वाले मुख्य व्यक्ति प्रधानमंत्री ही होते हैं।
- राष्ट्रपति के एकमात्र सलाहकार: प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के लिए मुख्य और एकमात्र सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं।
- पदेन (Ex-officio) अध्यक्ष: प्रधानमंत्री निम्नलिखित निकायों के पदेन अध्यक्ष होते हैं:
- नीति आयोग (NITI Aayog)
- राष्ट्रीय एकता परिषद (National Integration Council)
- अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council)
- परमाणु कमान प्राधिकरण (Nuclear Command Authority)
- राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Board for Wildlife – NBWL)
- राष्ट्रीय गंगा परिषद (National Ganga Council)


