मेजर अभिलाषा बराक को मिला ‘संयुक्त राष्ट्र सैन्य जेंडर एडवोकेट’ पुरस्कार 2025
भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट, मेजर अभिलाषा बराक को 5 जून को ‘यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर 2025’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें शांति अभियानों में महिलाओं की भूमिका और उनके दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।
प्रमुख बिंदु:
- उपलब्धि: मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन के बाद, मेजर बराक इस पुरस्कार को पाने वाली भारत की तीसरी महिला अधिकारी हैं।
- वर्तमान भूमिका: वह लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के अंतरिम बल (UNIFIL) में तैनात भारतीय बटालियन में ‘एंगेजमेंट टीम कमांडर’ और ‘जेंडर फोकल पॉइंट’ के रूप में कार्यरत हैं।
- चुनौतीपूर्ण कार्यक्षेत्र: UNIFIL को वर्तमान में सबसे जोखिम भरा शांति मिशन माना जा रहा है, क्योंकि इज़राइल और हिज़बुल्लाह के बीच वहां भीषण संघर्ष चल रहा है।
- महासचिव के शब्द: पुरस्कार प्रदान करते हुए महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि मेजर बराक उन सभी लोगों के लिए एक “रोल मॉडल” हैं, जिनकी वे सेवा करती हैं और जिनके साथ मिलकर काम करती हैं।


