भारत में E85 ईंधन का शुभारंभ

5  जून को विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली में इंडियन ऑयल के एक आउटलेट पर E85 ईंधन लॉन्च किया।

E85 क्या है?

  • संरचना: यह उच्च-इथेनॉल मिश्रित ईंधन है जिसमें 80-85% इथेनॉल और 14-19% पेट्रोल होता है।
  • उपयोग: यह विशेष रूप से ‘फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों’ (FFVs) के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • E20 और E85 में अंतर: जहाँ सामान्य E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है, वहीं E85 में इथेनॉल की मात्रा 80-85% तक होती है।
  • सावधानी: सामान्य पेट्रोल वाहन E85 का उपयोग नहीं कर सकते। यह केवल उन्हीं वाहनों के लिए है जो इसके अनुकूल बनाए गए हैं।

E85 के प्रमुख लाभ

  • किफायती: E85 की कीमत सामान्य पेट्रोल से लगभग 20 रुपये प्रति लीटर कम रखी गई है, ताकि घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल का आर्थिक लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँच सके।
  • पर्यावरण के अनुकूल: E85 का उपयोग करने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहन सामान्य पेट्रोल वाहनों की तुलना में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को लगभग 61% तक कम कर सकते हैं।
  • बेहतर इंजन प्रदर्शन: इसमें उच्च ‘रिसर्च ऑक्टेन नंबर’ (RON 108) होता है, जो इंजन की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। बेहतर दहन (combustion) के कारण इससे निकलने वाला प्रदूषण लगभग शून्य हो जाता है, जिससे शहरी वायु की गुणवत्ता में सुधार होगा।
  • राष्ट्रीय लाभ: यह पहल किसानों की आय बढ़ाएगी, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करेगी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी।

नोट: यह पहल ब्राजील जैसे देशों की तर्ज पर है, जहाँ E85 का उपयोग दशकों से हो रहा है। यह भारत के स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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