दक्षिण सूडान में 550 से अधिक भारतीय शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र के ‘मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के साथ कार्यरत 53 महिलाओं सहित 550 से अधिक भारतीय शांति सैनिकों को संघर्ष प्रभावित देश में नागरिकों की सुरक्षा और शांति निर्माण के प्रयासों का समर्थन करने के लिए उनके समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया।
UNMISS
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) एक शांति स्थापना अभियान है, जिसे 2011 में देश की स्वतंत्रता के बाद स्थापित किया गया था। 75 से अधिक देशों के लगभग 12,000 शांति सैनिकों के साथ, यह नागरिकों की रक्षा करने, मानवीय सहायता को सुविधाजनक बनाने, मानवाधिकारों के हनन की निगरानी करने और शांति प्रक्रिया का समर्थन करने पर केंद्रित है।
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशन
संयुक्त राष्ट्र चार्टर सुरक्षा परिषद को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी देता है। इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए, परिषद एक संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान स्थापित कर सकती है।
हालाँकि शांति स्थापना (Peacekeeping) का उल्लेख चार्टर में स्पष्ट रूप से नहीं है, लेकिन यह इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य उपकरणों में से एक के रूप में विकसित हुआ है।
तीन बुनियादी सिद्धांत हैं जो संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के एक उपकरण के रूप में अलग पहचान देते हैं। ये तीन सिद्धांत परस्पर संबंधित और एक-दूसरे के पूरक हैं: पक्षकारों की सहमति, निष्पक्षता, तथा आत्मरक्षा व UN मैंडेट की रक्षा के अलावा बल का प्रयोग न करना।संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना की शुरुआत 1948 में हुई थी, जब सुरक्षा परिषद ने मध्य पूर्व में संयुक्त राष्ट्र के सैन्य पर्यवेक्षकों की तैनाती को अधिकृत किया था। इस मिशन का नाम ‘संयुक्त राष्ट्र संघर्ष विराम पर्यवेक्षण संगठन’ (UNTSO) रखा गया था।


