भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) लागू हुआ

भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) 1 जून, 2026 को लागू हुआ। यह समझौता भारतीय टैरिफ लाइनों के 98 प्रतिशत हिस्से को शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करेगा, जिसमें देश का लगभग 99 प्रतिशत निर्यात शामिल है। इसमें कपड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, कृषि एवं समुद्री उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

ओमान को अपनी 78 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क उन्मूलन या कमी से लाभ हुआ है और उसे ऊर्जा, उर्वरक तथा औद्योगिक कच्चे माल जैसे क्षेत्रों में फायदा मिलने की उम्मीद है।

शोध संस्था GTRI की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में ओमान को भारत का निर्यात लगभग 4 अरब डॉलर का था। इसमें मुख्य रूप से रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद जैसे पेट्रोल (781 मिलियन डॉलर) और नेफ्था (746 मिलियन डॉलर) शामिल थे। इसके बाद कैल्सीनयुक्त एल्युमिना (277 मिलियन डॉलर), लोहा और इस्पात उत्पाद (230 मिलियन डॉलर), मशीनरी (178 मिलियन डॉलर) और चावल (167 मिलियन डॉलर) का स्थान रहा।

ओमान के सोहार, दुम और सलालाह स्थित रणनीतिक लॉजिस्टिक हब भारतीय निर्यातकों को व्यापक GCC (खाड़ी सहयोग परिषद) और पूर्वी अफ्रीकी बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान करते हैं।

भारत-ओमान समझौता, 2014 के बाद से मोदी सरकार के तहत लागू किया गया पाँचवाँ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है। यह मॉरीशस (अप्रैल 2021), UAE (मई 2022), ऑस्ट्रेलिया (दिसंबर 2022), और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA—जिसमें स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे शामिल हैं; अक्टूबर 2025) के साथ किए गए व्यापार समझौतों के बाद आया है।

भारत ने UK (जुलाई 2025) और न्यूजीलैंड (अप्रैल 2026) के साथ भी समझौते किए हैं, और इसके साथ ही 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (EU) के साथ व्यापार वार्ता 27 जनवरी, 2026 को पूरी कर ली है।

error: Content is protected !!