नागालैंड का “मोरुंग” शिक्षा मॉडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 मार्च को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें संस्करण में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में नागा समुदाय के प्रयासों की सराहना की।
नागालैंड का “मोरुंग” (Morung) शिक्षा मॉडल
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे नागालैंड के समुदाय पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को समकालीन शिक्षण विधियों के साथ एकीकृत कर रहे हैं।
पारंपरिक स्वरूप: मोरुंग समुदाय आधारित शिक्षा का एक स्वदेशी मॉडल है। पारंपरिक रूप से, यह एक ऐसा मंच था जहाँ बुजुर्ग कहानी सुनाने और साझा अनुभवों के माध्यम से युवा पीढ़ी को इतिहास, संस्कृति और जीवन कौशल का ज्ञान देते थे।
आधुनिक अनुकूलन: यह प्रणाली अब आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ढल गई है। अब इसमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को बरकरार रखते हुए गणित और विज्ञान जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।
शिक्षण पद्धति: इस दृष्टिकोण में शिक्षा को लोक गीतों, कहानियों और पारंपरिक खेलों के साथ जोड़ा जाता है। इससे बच्चों में शैक्षणिक समझ के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन कौशल भी विकसित होते हैं।
समग्र विकास (Holistic Development): परंपरा और आधुनिकता का यह मिश्रण छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा दे रहा है।सांस्कृतिक संरक्षण: आधुनिक शिक्षा प्राप्त करते हुए भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता है।
Source: DD


