‘ज्ञान भारतम सर्वेक्षण’ क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 मार्च को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें संस्करण में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के महत्व पर जोर दिया और नागरिकों से ‘ज्ञान भारतम सर्वेक्षण’ (Gyan Bharatam Survey) में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।

ज्ञान भारतम सर्वेक्षण’ क्या है?

  • उद्देश्य: इस सर्वेक्षण का मुख्य लक्ष्य देश भर में मौजूद पांडुलिपियों (Manuscripts) की जानकारी एकत्र करना और उनका दस्तावेजीकरण (Documentation) करना है।
  • भागीदारी: पीएम मोदी ने लोगों को एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पांडुलिपियों की तस्वीरें और विवरण साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
  • सत्यापन: उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड में दर्ज करने से पहले प्रत्येक सबमिशन को विशेषज्ञों द्वारा सावधानीपूर्वक सत्यापित (verify) किया जाता है।

विविध सांस्कृतिक योगदान: प्रधानमंत्री ने इस पहल के माध्यम से सामने आ रहे विविध भाषाई और सांस्कृतिक उदाहरणों का उल्लेख किया:

  1. अरुणाचल प्रदेश: ‘ताई’ (Tai) लिपि में लिखी गई पांडुलिपियाँ।
  2. पंजाब: गुरुमुखी लिपि में उपलब्ध पांडुलिपियाँ।
  3. राजस्थान: ताड़ के पत्तों (Palm leaves) और तांबे की प्लेटों (Copper plates) पर लिखे प्राचीन ग्रंथ।
  4. लद्दाख: मठों (Monasteries) द्वारा दुर्लभ तिब्बती पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है।
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