बिहार-वन’ (BiharOne) प्रोजेक्ट
बिहार सरकार ने राज्य में नागरिक-केंद्रित शासन (citizen-centric governance) की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘बिहार-वन’ (BiharOne) प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी सेवाओं के वितरण में क्रांतिकारी बदलाव लाना है।
बिहार-वन (BiharOne) प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु
एकीकृत प्लेटफॉर्म: यह परियोजना कई सरकारी विभागों को एक ही डिजिटल इंटरफेस (Single Digital Interface) में एकीकृत करके लोक सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाएगी।
अनुबंध और समयसीमा: कॉर्पोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (CIPL) को ₹87 करोड़ का अनुबंध दिया गया है। इस प्लेटफॉर्म के इस वर्ष जुलाई तक लाइव होने की उम्मीद है।
उद्देश्य: इसका लक्ष्य नागरिकों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काटने, लंबी कागजी कार्रवाई और प्रक्रियात्मक देरी से मुक्ति दिलाना है।
त्वरित सेवा वितरण: नागरिक प्रमाणपत्रों के आवेदन से लेकर कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने तक की सेवाएं त्वरित और कुशलता से प्राप्त कर सकेंगे, जिससे टर्नअराउंड समय (Turnaround Time) कम होगा।
एक्सेसिबिलिटी और समावेशन: इस पहल के केंद्र में पहुंच (Accessibility) और समावेशन (Inclusion) पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
डेटा साझाकरण: यह प्लेटफॉर्म ‘बिहार कॉमन सोशल रजिस्ट्री’ को विभागीय सेवाओं के साथ एकीकृत करेगा, जिससे निर्बाध डेटा साझाकरण सुनिश्चित होगा और दस्तावेजों के दोहराव (duplication) में कमी आएगी।


