फ्रांस लिब्रे-फ्रांस का परमाणु-संचालित विमान वाहक पोत

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने हाल ही में फ्रांस के अगले परमाणु-संचालित विमान वाहक पोत (Nuclear-powered aircraft carrier) का नाम ‘फ्रांस लिब्रे’ (France Libre – “स्वतंत्र फ्रांस”) रखा है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्वतंत्रता के प्रतीक और देश की नौसेना शक्ति को मजबूत करने के एक बड़े प्रयास के रूप में पेश किया है।

राष्ट्रपति मैक्रॉन ने इस युद्धपोत के नाम का अनावरण पश्चिमी शहर इन्द्रे (Indret) के शिपयार्ड के दौरे के दौरान किया, जहाँ इसके दो परमाणु रिएक्टर बनाए जाने हैं।

‘फ्रांस लिब्रे’ की मुख्य विशेषताएं और तुलना:

  • ऐतिहासिक संदर्भ: ‘फ्रांस लिब्रे’ नाम सीधे तौर पर जनरल चार्ल्स डी गॉल के प्रतिरोध आंदोलन (Resistance movement) का संदर्भ है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजियों से फ्रांस और यूरोप को मुक्त कराने के लिए मित्र देशों की सेना में शामिल हुआ था।
  • क्षमता: यह पोत 2038 में सेवा में आएगा। इसमें 30 राफेल लड़ाकू विमानों और 2,000 नाविकों की क्षमता होगी।
  • लागत: इसकी अनुमानित लागत लगभग €10 बिलियन ($11.5 बिलियन) है।

तुलनात्मक विवरण:

विशेषताफ्रांस लिब्रे (प्रस्तावित)चार्ल्स डी गॉल (वर्तमान)USS जेराल्ड फोर्ड (USA)
वजन (Displacement)~80,000 टन42,000 टन100,000+ टन
लंबाई310 मीटर261 मीटर334 मीटर
शक्ति स्रोतपरमाणु संचालितपरमाणु संचालितपरमाणु संचालित

हालांकि ‘फ्रांस लिब्रे’ वर्तमान फ्रांसीसी विमान वाहक चार्ल्स डी गॉल से काफी बड़ा है, लेकिन यह अभी भी दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत, अमेरिकी ‘USS जेराल्ड फोर्ड’ से छोटा होगा।

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