लेवल्स एंड ट्रेंड्स इन चाइल्ड मॉर्टलिटी
बाल मृत्यु दर पर संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में अनुमानित 4.9 मिलियन (49 लाख) बच्चों की मृत्यु उनके पांचवें जन्मदिन से पहले हो गई, जिनमें 2.3 मिलियन (23 लाख) नवजात शिशु शामिल थे।
‘लेवल्स एंड ट्रेंड्स इन चाइल्ड मॉर्टलिटी’ (Levels and Trends in Child Mortality) शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
वैश्विक स्थिति
- सकारात्मक गिरावट: वर्ष 2000 के बाद से वैश्विक स्तर पर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में आधे से अधिक की कमी आई है।
- धीमी गति: चिंता का विषय यह है कि 2015 के बाद से, बाल मृत्यु दर में कमी आने की गति 60% से अधिक धीमी हो गई है।
भारत की प्रगति और उपलब्धियां
भारत उन देशों में शामिल है जो निरंतर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों के माध्यम से बाल मृत्यु दर को कम करने में लगातार प्रगति कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र अंतर-एजेंसी समूह (UNIGME) रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत ने नवजात मृत्यु दर (NMR) को कम करने में सराहनीय सुधार दिखाया है।
पिछले तीन दशकों में भारत का प्रदर्शन:
| संकेतक (प्रति 1,000 जीवित जन्म) | वर्ष 1990 | वर्ष 2024 | सुधार |
| नवजात मृत्यु दर (NMR) | 57 | 17 | ~70% की कमी |
| 5 वर्ष से कम आयु की मृत्यु दर (U5MR) | 127 | 27 | ~78% की कमी |
निष्कर्ष
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो दशकों में दक्षिण एशिया क्षेत्र में बाल मृत्यु दर को कम करने में भारत ने महत्वपूर्ण (pivotal) भूमिका निभाई है। भारत में 1990 के मुकाबले मृत्यु दर के आंकड़ों में आई यह भारी गिरावट देश के स्वास्थ्य ढांचे में सुधार को दर्शाती है।


