भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)

  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसे मूलभूत डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रणालियाँ हैं जो नागरिकों, व्यवसायों और सरकार के बीच सुरक्षित डिजिटल लेनदेन को सक्षम बनाती हैं।
  • यह मुख्य रूप से निम्न सेवाओं को सक्षम करता है:
    • डिजिटल पहचान (Digital Identity)
    • डिजिटल भुगतान (Digital Payments)
    • सुरक्षित डेटा साझा करना (Data Exchange)
  • DPI शासन, सेवा वितरण और आर्थिक गतिविधियों के लिए डिजिटल आधारभूत संरचना (Digital Rails) का कार्य करता है।

  • जनसंख्या स्तर पर कार्य करने वाली डिजिटल प्रणाली जो लगभग 1.4 अरब लोगों को कवर करती है।
  • इसके प्रमुख सिद्धांत:
    • खुलापन (Openness)
    • इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability)
    • समावेशिता (Inclusiveness)
    • सार्वजनिक हित (Public Good Approach)
  • यह पहचान, भुगतान और डेटा विनिमय प्लेटफॉर्म को एकीकृत करता है।

भारत की डिजिटल प्रणाली की आधारशिला JAM Trinity है।

जन धन खाते

  • 2014 में शुरू की गई वित्तीय समावेशन योजना
  • खाते बढ़कर:
    • 2015 में 14.72 करोड़ → 2026 में 57.71 करोड़
  • कुल जमा राशि लगभग ₹2.94 लाख करोड़
  • 39.98 करोड़ RuPay कार्ड जारी

आधार

  • बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल पहचान प्रणाली
  • 144 करोड़ से अधिक आधार संख्या जारी
  • 2024-25 में 2707 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन

मोबाइल कनेक्टिविटी

  • 85.5% परिवारों के पास स्मार्टफोन
  • 125.87 करोड़ वायरलेस उपभोक्ता (दिसंबर 2025)
  • 99.9% जिलों में 5G सेवाएँ उपलब्ध

➡ JAM त्रिमूर्ति के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) संभव हुआ।


डिजिटल भुगतान

  • यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)
  • जनवरी 2026 में:
    • 21.7 अरब लेनदेन
    • ₹28.33 लाख करोड़ का मूल्य
  • वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान का लगभग 49% हिस्सा

वित्तीय प्रशासन

  • पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS)
  • सरकारी धन के प्रवाह की निगरानी करता है।
  • 2015–2024 के बीच DBT से ₹4.31 लाख करोड़ की बचत

डिजिटल वाणिज्य

  • ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC)
  • 630+ शहरों में 1.16 लाख से अधिक विक्रेता जुड़े।

स्वास्थ्य

  • CoWIN प्लेटफॉर्म
  • कोविड-19 टीकाकरण के दौरान 220 करोड़ से अधिक टीके प्रबंधित किए।

प्रशासन

  • e-Office: कागजरहित सरकारी कार्य प्रणाली।
  • API Setu: सरकारी API साझा करने का प्लेटफॉर्म (8000+ API)।

अवसंरचना योजना

  • PM GatiShakti डिजिटल प्लेटफॉर्म
  • ₹16.10 लाख करोड़ की 352 परियोजनाओं का मूल्यांकन

भारत अपनी DPI तकनीक को विश्व के साथ साझा कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग

  • 24 देशों के साथ समझौते (MoUs)
  • इन देशों में शामिल हैं:
    • आर्मेनिया
    • केन्या
    • श्रीलंका
    • ब्राज़ील
    • मलेशिया
    • मालदीव

अंतरराष्ट्रीय डिजिटल भुगतान

  • UPI 8 देशों में संचालित, जैसे:
    • UAE
    • सिंगापुर
    • भूटान
    • नेपाल
    • फ्रांस
    • मॉरीशस

वैश्विक पहल

  • India Stack Global प्लेटफॉर्म
  • G20 (2023) के दौरान Global DPI Repository की शुरुआत

भारत कई डिजिटल प्लेटफॉर्म को वैश्विक स्तर पर साझा कर रहा है।

  • CoWIN को ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में उपलब्ध कराया गया
  • MOSIP (Modular Open-Source Identity Platform) अन्य देशों को डिजिटल पहचान प्रणाली विकसित करने में मदद करता है।

  • वित्तीय समावेशन को बढ़ावा
  • कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी
  • भ्रष्टाचार और लीकेज में कमी
  • शासन क्षमता में वृद्धि
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
  • भारत को डिजिटल गवर्नेंस का वैश्विक नेता बनाना

Source: PIB

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