वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) 2026
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) 2026 के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। अब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं रहा है। ताज़ा WEO के अनुसार, 2026 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद — यानी देश के भीतर उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य — लगभग $4.15 ट्रिलियन होगा (जो 2025 के $3.92 ट्रिलियन से ज़्यादा है), जबकि UK का GDP $4.27 ट्रिलियन होगा (जो 2025 के $4 ट्रिलियन से ज़्यादा है) और जापान का GDP वास्तव में 2025 के $4.48 ट्रिलियन से घटकर 2026 में $4.38 ट्रिलियन हो जाएगा। भारत फिसलकर छठे स्थान पर आ गया है।
भारत की रैंकिंग गिरने के दो मुख्य कारण:
IMF जब अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में रैंकिंग की गणना करता है, तो वह दो प्रमुख आंकड़ों का उपयोग करता है: स्थानीय मुद्रा में GDP और डॉलर के साथ विनिमय दर (Exchange Rate)। भारत को इन दोनों मोर्चों पर झटके लगे हैं:
- GDP अनुमानों में संशोधन: फरवरी के अंत में, भारत ने नए आधार वर्ष (New Base Year) के साथ अपने GDP अनुमानों को अपडेट किया। नई गणना से पता चला कि पिछली श्रृंखला में GDP का अधिक आकलन (Overestimation) किया जा रहा था। रुपये के संदर्भ में, 2025-26 के लिए भारत की GDP ₹357 ट्रिलियन से घटकर ₹345 ट्रिलियन रह गई।
- रुपये की विनिमय दर: पिछले एक साल में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के मूल्य में तेजी से गिरावट आई है। इन दोनों कारणों से, 2025 के लिए भारत की GDP $4.1 ट्रिलियन से घटकर $3.9 ट्रिलियन रह गई, जिससे जापान और ब्रिटेन भारत से आगे निकल गए।
भविष्य का दृष्टिकोण:
झटकों के बावजूद, IMF के अनुमान सकारात्मक संकेत भी देते हैं:
- 2027: उम्मीद है कि भारत फिर से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लेगा।
- 2031: भारत के जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है।
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2022 में भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़कर पहली बार दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना था। वर्तमान गिरावट के बावजूद, भारत की विकास दर कई अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में मजबूत बनी हुई है।


