मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: भारत में पहली बार टनल हुड्स का उपयोग

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) की सुरंगें निर्माण के अगले चरण में प्रवेश कर रही हैं। इन सुरंगों में एक अनूठी विशेषता ‘टनल हुड्स’ (tunnel hoods) शामिल की जा रही है जिसे भारतीय रेलवे में पहली बार उपयोग किया जा रहा है। 508 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में महाराष्ट्र में सात और गुजरात में एक पहाड़ी सुरंग है। प्रत्येक सुरंग के दोनों सिरों पर ‘एंट्रेंस हुड्स’ या प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।

इंजीनियरिंग की जटिलता और पालघर का क्षेत्र

महाराष्ट्र की बुलेट ट्रेन सुरंगें पालघर जिले में स्थित हैं, जहाँ रेल मार्ग सह्याद्रि पर्वतों के दुर्गम इलाकों से होकर गुजरता है। यहाँ सुरंगें पुलों (viaducts) की जगह ले रही हैं, जिससे इंजीनियरिंग कार्य अधिक जटिल हो जाता है। गुजरात की एकमात्र सुरंग, जो वलसाड में है, उसका प्रवेश द्वार (एंट्रेंस हुड) आकार ले चुका है और पूरा होने के करीब है। भारत में रेलवे सुरंगों के लिए इस तरह की टनल हुड तकनीक को पहली बार डिजाइन और लागू किया गया है।

‘टनल बूम’ प्रभाव को नियंत्रित करना

टनल हुड्स को विशेष रूप से हाई-स्पीड ट्रेनों द्वारा उत्पन्न दबाव तरंगों (pressure waves) के कारण होने वाले ‘टनल बूम’ प्रभाव को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। टनल हुड्स बेलनाकार (cylindrical) संरचनाएं होती हैं जिनमें दबाव-राहत वेंट या खिड़कियां होती हैं, और इन्हें मुख्य सुरंग के प्रवेश और निकास द्वार पर बनाया जाता है। यह सुविधा उन देशों के हाई-स्पीड रेल सिस्टम में एक सामान्य विशेषता है जहाँ ट्रेनें 300 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से चलती हैं।

टनल हुड्स कैसे काम करते हैं?

अधिकारियों के अनुसार, जब एक हाई-स्पीड ट्रेन सुरंग में प्रवेश करती है, तो वह अपने आगे बड़ी मात्रा में हवा को धकेलती है, ठीक वैसे ही जैसे किसी सिलेंडर के अंदर पिस्टन चलता है। हवा का यह अचानक संपीडन (compression) दबाव तरंगें उत्पन्न करता है जो पूरी सुरंग में फैल जाती हैं। यदि इसे ठीक से प्रबंधित न किया जाए, तो ट्रेन के सुरंग से बाहर निकलते समय ये तरंगें एक धमाके जैसी तेज आवाज (booming noise) उत्पन्न कर सकती हैं।

टनल हुड्स खुली जगह और सुरंग के सीमित स्थान के बीच के ट्रांजीशन जोन के रूप में कार्य करते हैं। हवा को अधिक धीरे-धीरे अंदर और बाहर निकलने देकर, ये दबाव में होने वाले बदलावों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और सिस्टम के समग्र वायुगतिकीय (aerodynamic) प्रदर्शन को बेहतर बनाते हैं। टनल हुड में लगी खिड़कियां हाई-स्पीड ट्रेनों द्वारा उत्पन्न इस हवा के दबाव को धीरे-धीरे बाहर निकालने में मदद करती हैं।

Source: IE

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