‘समुद्र साहस’ नौकायन अभियान
‘समुद्र साहस’ (Samudra Sahas) नौकायन अभियान, जो रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी (Regiment of Artillery) की 200वीं वर्षगांठ (द्विशताब्दी समारोह) के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, को 13 अप्रैल को मार्वे, मुंबई से औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
मुख्य विशेषताएं
- ऐतिहासिक श्रद्धांजलि: यह अभियान छत्रपति शिवाजी महाराज की स्थायी समुद्री विरासत को एक श्रद्धांजलि है, जो भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा और रणनीतिक दूरदर्शिता को दर्शाता है।
- एक मील का पत्थर: यह किसी आर्टिलरी रेजिमेंट द्वारा किया गया पहला ‘ब्लू वॉटर’ (Blue Water) नौकायन उद्यम है।
- दूरी और मार्ग: 21 फुट की सीबर्ड क्लास (Seabird class) नौकाओं का उपयोग करते हुए, यह टीम कोंकण तट के साथ लगभग 520 समुद्री मील (Nautical Miles) की दूरी तय करेगी।
यात्रा के चार चरण (The Four Legs): यह अभियान निम्नलिखित चरणों में पूरा किया जा रहा है:
- मुंबई से विजयदुर्ग
- विजयदुर्ग से गोवा
- गोवा से विजयदुर्ग
- विजयदुर्ग से मुंबई
तकनीकी और चुनौतीपूर्ण पहलू
- नेविगेशन: टीम तटरेखा से लगभग 7 समुद्री मील की औसत दूरी पर नौकायन करेगी।
- हवा की स्थिति: नाविकों को 2-4 समुद्री मील से लेकर 10-15 समुद्री मील तक की बदलती हवा की गति और गतिशील समुद्री स्थितियों का सामना करना होगा।
- कौशल: यह अभियान उच्च स्तर के सीमैनशिप (seamanship), सहनशक्ति और आपसी समन्वय की मांग करता है।


