रक्षा मंत्री  ने लखनऊ में ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का उद्घाटन किया

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने 30 मई, 2026 को लखनऊ में संयुक्त रूप से ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का उद्घाटन किया। यह ओपन-एयर डिस्प्ले म्यूजियम भारतीय नौसेना के साहस, वीरता और पराक्रम का सम्मान करता है। 

परियोजना का विवरण

  • लागत और क्षेत्र: यह वाटिका लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में बनाई गई है।
  • प्रेरणा: इसका उद्देश्य केवल एक पर्यटन स्थल बनना नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वतंत्रता और सुरक्षा के वास्तविक मूल्य की याद दिलाने वाला एक प्रेरणा का प्रतीक बनना है।
  • फेज-II: यह पार्क ‘नौसेना शौर्य संग्रहालय’ के दूसरे चरण (Phase-II) के तहत विकसित किया गया है।
  • सुविधाएं: यहाँ पर्यटकों के लिए फूड कोर्ट, स्मारिका दुकान (souvenir shop), और उन्नत प्रकाश एवं ध्वनि प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रमुख प्रदर्शनी (INS गोमती के अवशेष)

इस वाटिका में INS गोमती के वे हथियार और उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं, जिसे 34 वर्षों की सेवा के बाद 29 मई, 2022 को सेवामुक्त (decommission) कर दिया गया था:

  • प्रमुख हथियार: AK 726 (नौसैनिक युद्धपोत पर लगी गन), सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के लिए ZIF 101 लॉन्चर, सतह से सतह पर मार करने वाली एंटी-शिप मिसाइलें।
  • अन्य उपकरण: जहाज का रडार, टॉरपीडो लॉन्चर, एंकर और मस्तूल (masts)। 
  • TU 142M संग्रहालय: वाटिका में TU 142M विमान का एक ‘वॉकथ्रू म्यूजियम’ (Walkthrough Museum) भी है, जो एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान था।

INS गोमती का इतिहास

  • नाम: इसका नाम जीवंत गोमती नदी के नाम पर रखा गया था।
  • कमीशनिंग: इसे 16 अप्रैल, 1988 को माझगांव डॉक लिमिटेड में तत्कालीन रक्षा मंत्री द्वारा कमीशन किया गया था।
  • महत्व: यह गोदावरी श्रेणी के गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट्स का तीसरा जहाज था और सेवामुक्त होने के समय यह पश्चिमी बेड़े (Western Fleet) का सबसे पुराना योद्धा था।
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