मैग्नेटिक ट्रीज ने शोधकर्ताओं को सूर्य के ऊपरी वायुमंडल में छिपे हुए प्रवाह का पता लगाने में मदद की
शोधकर्ताओं ने सूर्य की सतह और उसके ऊपरी वायुमंडल के बीच एक महत्वपूर्ण छिपे हुए संबंध का पता लगाया है। यह खोज अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) को बेहतर ढंग से समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अंतरिक्ष मौसम का प्रभाव उपग्रहों, संचार प्रणालियों, नौवहन (Navigation) नेटवर्क तथा पृथ्वी के विद्युत ग्रिड पर पड़ता है।
प्रमुख बिंदु
- वैज्ञानिक लंबे समय से जानते हैं कि सूर्य के भीतर गर्म गैस (प्लाज्मा) का एक धीमा किंतु निरंतर प्रवाह उसकी भूमध्य रेखा (Equator) से ध्रुवों (Poles) की ओर होता है।
- इस प्रवाह को मेरिडियन प्रवाह (Meridional Flow) कहा जाता है।
- यह प्रवाह एक विशाल कन्वेयर बेल्ट की तरह कार्य करता है, जो सूर्य के चुंबकीय क्षेत्रों (Magnetic Fields) को उसकी सतह पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में सहायता करता है।
- मेरिडियन प्रवाह सूर्य के 11-वर्षीय सौर चक्र (Solar Cycle) को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी चक्र के कारण सौर कलंकों (Sunspots) तथा अन्य सौर गतिविधियों में परिवर्तन दिखाई देता है।
- अब तक यह माना जाता था कि यह प्रवाह केवल सूर्य के निचले वायुमंडलीय स्तरों तक ही सीमित है।
- नवीन शोध से पता चला है कि प्लाज्मा का यह धीमा प्रवाह सूर्य के ऊपरी वायुमंडल तक भी जारी रहता है।
- इससे यह स्पष्ट हुआ है कि सूर्य की सतह और उसके ऊपरी वायुमंडल के बीच गहरा एवं सतत संबंध मौजूद है।
शोध के प्रमुख निष्कर्ष
- शोधकर्ताओं ने रेडियो प्रेक्षणों (Radio Observations) की तुलना सूर्य के दीर्घकालिक चुंबकीय क्षेत्र मानचित्रों से की।
- अध्ययन में पाया गया कि रेडियो चित्रों में दिखाई देने वाली चमकीली संरचनाएँ भी चुंबकीय क्षेत्रों के साथ ध्रुवों की ओर गति करती हैं।
- यह दर्शाता है कि सूर्य के ऊपरी वायुमंडल में उपस्थित संरचनाएँ, सूर्य के भीतर गहराई में स्थित चुंबकीय क्षेत्रों से जुड़ी रहती हैं।
“चुंबकीय वृक्ष (Magnetic Tree) परिकल्पना” को मिला समर्थन
- इस अध्ययन से “चुंबकीय वृक्ष परिकल्पना (Magnetic Tree Hypothesis)” को सशक्त प्रेक्षणीय प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
- इस परिकल्पना के अनुसार, सूर्य की सतह से ऊपर तक फैली चुंबकीय संरचनाएँ उसी प्रकार सूर्य के भीतरी भागों से जुड़ी रहती हैं, जैसे किसी वृक्ष की शाखाएँ उसके तने और जड़ों से जुड़ी रहती हैं।
- इसका अर्थ है कि सूर्य का ऊपरी वायुमंडल स्वतंत्र नहीं है, बल्कि वह सूर्य के भीतरी भागों में होने वाली गतियों एवं परिवर्तनों की जानकारी अपने साथ बनाए रखता है।
Source: PIB
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