जितेंद्र सिंह ने उम्मीद (UMMID) कार्यक्रम राष्ट्र को समर्पित किया
विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 21 मई को ‘उम्मीद’ (UMMID – Unique Methods of Management of Inherited Disorders) कार्यक्रम को राष्ट्र को समर्पित किया। यह पहल दुर्लभ आनुवंशिक विकारों (Rare Genetic Disorders) के प्रबंधन और जीनोमिक मेडिसिन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘उम्मीद’ (UMMID) कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
- उद्देश्य: आनुवंशिक और दुर्लभ विकारों का समय पर पता लगाना, स्क्रीनिंग करना और जेनेटिक काउंसलिंग के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करना।
- पृष्ठभूमि: दशकों से आनुवंशिक विकार उपेक्षित रहे थे क्योंकि इनका निदान कठिन था, उपचार तक पहुंच कम थी और दवाएं अत्यधिक महंगी थीं। यह कार्यक्रम इस कमी को दूर करने का एक समन्वित राष्ट्रीय प्रयास है।
- अब तक की उपलब्धियां:
- लाभार्थी: स्क्रीनिंग और नैदानिक सेवाओं के माध्यम से लगभग तीन लाख लोगों को लाभ मिल चुका है।
- पहुंच: आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) और वंचित क्षेत्रों में इसका विस्तार किया गया है।
- NIDAN केंद्र: देश भर में लगभग 30 ‘निदान’ (NIDAN) केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि महानगरीय केंद्रों से दूर रहने वाले लोगों को भी उन्नत निदान और परामर्श सेवाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य सेवा का भविष्य: प्रिसिजन मेडिसिन (Precision Medicine)
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि ‘उम्मीद’ कार्यक्रम से प्राप्त अनुभव भविष्य में ‘प्रिसिजन मेडिसिन’ की नींव रखेंगे। इसका अर्थ है कि भविष्य में मधुमेह (diabetes), हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार व्यक्ति की विशिष्ट आनुवंशिक प्रोफाइल (genetic profile) के आधार पर किया जाएगा, जिससे उपचार अधिक प्रभावी और सटीक होगा।
यह पहल भारत को जीनोमिक और प्रिसिजन मेडिसिन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी शक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।


