भारत ने SAARC करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क के तहत मालदीव के लिए ₹30 अरब की पहली निकासी को मंज़ूरी दी

भारत ने सार्क (SAARC) मुद्रा विनिमय फ्रेमवर्क के तहत मालदीव के लिए 30 अरब रुपये की पहली निकासी को मंजूरी दी है, जो इस द्वीपीय राष्ट्र के लिए भारत के निरंतर वित्तीय समर्थन को पुष्ट करता है। यह धनराशि भारतीय रिजर्व बैंक और मालदीव सरकार के बीच अक्टूबर 2024 में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा के दौरान सहमत ढांचे के तहत पहली किस्त (drawdown) के रूप में जारी की जा रही है।

मुख्य बिंदु:

  • पिछली सुविधा की परिपक्वता: यह कदम  मालदीव द्वारा अक्टूबर 2024 में ली गई 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पिछली सुविधा की अवधि पूरी होने के बाद उठाया गया  है।
  • वित्तीय प्रतिबद्धता: मालदीव के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछला पुनर्भुगतान सरकार की अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की निष्ठा को दर्शाता है।
  • ऐतिहासिक सहयोग: 2012 में इस ढांचे की शुरुआत के बाद से, भारतीय रिजर्व बैंक ने मालदीव को 1.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की विनिमय सहायता (swap support) प्रदान की है।
  • वित्तीय स्थिरता: भारत सरकार के अनुसार, इस सुविधा ने मालदीव की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रणनीतिक नीतियां:भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) नीति और विजन ‘महासागर’ (Vision MAHASAGAR) के तहत मालदीव का समर्थन करना जारी रखे हुए है। यह कदम जरूरत के समय एक भरोसेमंद साथी और ‘प्रथम प्रतिक्रियादाता’ (first responder) के रूप में भारत की भूमिका को फिर से स्थापित करता है।

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